संतों की चली तो फर्जी आचार्यों और फर्जी शंकराचार्यों पर संतों के संगठन शिकंजा कसेंगे। अगले बरस होने वाले नासिक कुंभ के बाद कोई भी साधु यूं ही संत नहीं बन पाएगा।
संत बनने के लिए साधुओं की किसी न किसी परंपरा से जुड़ना जरूरी होगा। जो भगवाधारी या श्वेत वस्त्रधारी नहीं जुड़ेंगे, उनके खिलाफ संत संगठन स्वयं बाहर आकर कार्रवाई करेंगे।
अखिल भारत अखाड़ा परिषद, अभा संत समिति, रामानंद संप्रदाय, संन्यास परिषद, षडदर्शन साधु समाज, भारत साधु समाज, साध्वी परिषद आदि कई संगठनों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी। यही नहीं अखाड़ों के बैनर तले एक विशिष्ठ धर्म संसद भी इस संबंध में हो सकती है। बैठक बुलाने की पहल अखाड़ा परिषद करेगी।