रामपाल प्रकरण से आहत अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ऐसे पाखंडियों पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने जा रही है। परिषद देश भर में फैले फर्जी बाबाओं की सूची तैयार कराएगी।
छानबीन के बाद जो नाम संदिग्ध पाए जाएंगे उन्हें देश के सभी जिलों के डीएम को भेजा जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार से सीधी कार्रवाई की मांग भी अखाड़ा परिषद करेगी।
परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदास ने बताया कि संतों का वेश धारण कर कई कालनेमी आश्रमों में छिपे हुए हैं। वर्षों से उनकी हरकतें सामने आ रही हैं। आसाराम और रामपाल संत वेश में कालनेमि थे। ऐसे बाबाओं के खिलाफ अखाड़ा परिषद जल्द ही सख्त कदम उठाने जा रही है।
सभी राज्यों की इकाइयों से कहा जा रहा है कि फर्जी बाबाओं की सूची जिलावार तैयार कर अखाड़ा परिषद को भेजी जाए। ऐसे बाबाओं को कदापि देश में नहीं रहने दिया जाएगा, जो केवल पेट भरने के लिए भगवा रूप धारण कर रहे हैं।
कुंभ में पारित करेंगे सख्त प्रस्ताव
गंगा सागर से फोन पर ज्ञानदास ने बताया कि धर्मभीरू जनता को असली और नकली का भेद समझाना होगा। संत वेश धारण करने वाला हर व्यक्ति संत नहीं होता। खुद हरिद्वार जैसे तीर्थ पर कई कालनेमि विराजमान हैं। अयोध्या, प्रयाग, नासिक, उज्जैन, द्वारिका, जगन्नाथपुरी, रामेश्वरम आदि में भी फर्जी बाबा छिपे हुए हैं।
उन सभी की सूची जिलों के डीएम और एसएसपी को भेजकर सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। साथ ही केंद्र सरकार से संतों का एक प्रतिनिधिमंडल मिलकर सीधे कार्रवाई का आग्रह करेगा। संत जगत की बदनामी से अखाड़ा परिषद बेहद आहत है।
बोले महामंत्री
फर्जी बाबाओं को रोकने के लिए अखाड़ा परिषद संतों की अन्य इकाइयों के साथ मिलकर नासिक कुंभ में एक सख्त प्रस्ताव पारित करेगी। अखाड़ा परिषद की बैठक में भी ऐसे ठगों को सबक सिखाने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। अब समय आ गया है कि चुप नहीं रहा जा सकता। रामपाल ने सारे संत समाज के मुंह पर कालिख पोतने का काम किया है। ऐसे साधु-संत कभी बाहर नहीं आने चाहिए।
-श्रीमहंत हरिगिरि, महामंत्री, अखाड़ा परिषद।
चुप्पी का उठा रहे फायदा
साधु-संतों की संस्थाएं आपसी मसलों में वक्त बर्बाद करती है। वास्तविक काम फर्जी साधुओं को ठिकाने लगाने का है। आसाराम और रामपाल ही नहीं और भी कई साधु तत्काल जेल में होने चाहिए। हरियाणा की धरती पर फर्जी साधुओं की फसल खूब फल-फूल रही है। समय आ गया है कि षडदर्शन संतों की तमाम संस्थाएं सक्रिय होकर भारतीय समाज को भ्रमित होने से बचाएं, अन्यथा धर्म का बहुत ह्रास हो जाएगा।
-बाबा हठयोगी दिगंबर, राष्ट्रीय प्रवक्ता, संत समिति।