सरकार को अधिकारियों की पहचान नहीं है, जिस अधिकारी को हमारी भाषा बोली तक नहीं आती वे कैसे आम जनता के दुख-दर्द और समस्याएं समझ पाएगा।
अधिकारियों का मनमर्जी से इस्तेमाल
सरकार अपने फायदे के लिए अधिकारियों का मनमर्जी से इस्तेमाल कर रही है। अपनी गलतियां छिपाने के लिए अधिकारियों के तबादले रातोंरात कर रही है।
कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है। ये बातें कहते हुए नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने शीशमहल में आम जनता, भाजपाइयों और पत्रकारों पर हुए लाठीचार्ज की घोर निंदा की।
उन्होंने एसएसपी को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है। कहा कि शेरवुड के छात्र शान की मौत के बाद राज्य सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे नेपाल में हुए सार्क सम्मेलन में मोदी सरकार को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी।
उन्होंने ये भी कहा कि सीएम की गाड़ी का शीशा टूटता है तो भाजपा कार्यकर्ताओं पर बदले की भावना से 307 जैसी धाराओं में मुकदमे किए जाते हैं, लेकिन आम लोगों को पुलिस बुरी तरह लाठियों से पीटती है तो उसमें कुछ नहीं होता।
लाडली हत्याकांड में पुलिस पूरी तरह फेल
भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लाठीचार्ज किसके इशारे पर हुआ इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने लाडली हत्याकांड में भी पुलिस प्रशासन को पूरी तरह फेल बताया। कहा कि अपराध नहीं रुक रहे, दिनदहाड़े बलात्कार और हत्याएं हो रही हैं।
भट्ट ने अधिकारी बदलने के बजाए काबिल अधिकारियों को तैनाती देने की बात कही। सीएम सुरक्षा में हुई चूक में बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए छोटे अधिकारियों पर गाज गिराई गई, जबकि सुरक्षा में एडीजी, डीआईजी और एसएसपी जुटे थे।