पहाड़ों में भी जांच का काम शुरू किया गया
पीसीबी ने जांच का दायरा बढ़ाया है। पिछले साल से नैनीताल और टिहरी जांच शुरू की गई है। यहां पर ध्वनि और वायु प्रदूषण की जांच की जा रही है। इसके अलावा देहरादून में तीन स्थान, ऋषिकेश और काशीपुर में दो- दो जगहों पर जांच की जाती है। इस साल पीसीबी आज से जांच काम शुरू करेगा। यह जांच दिवाली के समय विशेषताैर से 15 दिन के लिए की जाती है।
यह है मानक
0-50 एक्यूआई काे अच्छा माना जाता है। 51-100 को संतोषजनक, 101-200 तक मध्यम, 201 से 300 तक खराब, 301-400 तक बहुत खराब और 401 से 500 गंभीर माना जाता है।
हवा की गुणवत्ता में सुधार आ रहा रहा है। दिवाली के समय ही देखे तो कुछ शहरों में क्रम से सुधार दिखाई देता है। बुधवार को देहरादून में एक्यूआई 65 रहा था, यह संतोषजनक श्रेणी में है। -डॉ पराग मधुकर धकाते, पीसीबी सदस्य सचिव
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पीसीबी की वेबसाइट पर महीनों पुरानी सूचना
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सार्वजनिक सूचना देने के मामले में पीछे चल रहा है। हालत यह है कि पीसीबी हवा की गुणवत्ता की जांच करता है, उसका डेटा रियल टाइम तो दूर की बात है, उस माह तक जारी नहीं हो पाता है। पीसीबी की वेबसाइट पर देहरादून, ऋषिकेश, काशीपुर, हरिद्वार, रुद्रपुर, हल्द्वानी, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, गोपेश्वर, अल्मोड़ा, बागेश्वर और नैनीताल निगरानी के साथ यहां के प्रदूषण की जानकारी देने के लिए पीएम-10, एसओ टू समेत अन्य की जानकारी दी गई है, पर यह जानकारी अगस्त माह की है। पीसीबी के सदस्य सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते कहते हैं कि व्यवस्था में सुधार का प्रयास किया जा रहा है, वेबसाइट में सुधार किया जाएगा। इसके अलावा प्रयास है कि जल्द यह जानकारी साझा की सके।