तीर्थनगरी ऋषिकेश समेत पूरे उत्तर भारत में हवा में प्रदूषण का स्तर चरम पर है। ऐसे में सुबह और शाम की सैर आपको स्वस्थ रखने की बजाय बीमार कर सकती है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने लोगों को कुछ समय के लिए सुबह शाम सैर में न निकलने की सलाह दी है।
ऋषिकेश में एक्यूआई का स्तर 257 तक पहुंच गया था
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक दीपावली के अगले दिन ऋषिकेश में एक्यूआई (एयर क्यालिटी इंडेक्स) का स्तर 257 तक पहुंच गया। एक्यूआई का यह स्तर बेहद खराब श्रेणी में आता है। बुधवार को भी ऋषिकेश में एक्यूआई 170 दर्ज किया गया। ऐसे में एम्स ऋषिकेश के चिकित्सा विशेषज्ञों ने सुबह और शाम की सैर को लेकर सचेत किया है। एम्स के सोशल आउटरीच सेल के नोडल अधिकारी और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार का कहना है कि प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य को खराब कर सकता है।
सुबह और शाम को हवा में में पीएम 2.5 (धूल, गर्दा, धातु के सुक्ष्म कण) और पीएम 10 (2.5 माइक्रोमीटर से कम व्यास के सुक्ष्म पदार्थ ) के कणों की मात्रा अधिक रहती है। प्रदूषण के बीच टहलने के दौरान ये खतरनाक सुक्ष्म कण फेफड़ों में दाखिल हो सकते हैं। जिससे श्वसन तंत्र के संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। डॉ संतोष कुमार ने बताया कि बूढों और बच्चों को तो ऐसे में प्रदूषित वातावरण में बिल्कुल भी सैर सपाटे के लिए बाहर नहीं निकलना चाहिए।
क्या करें
- घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनने।
- गुनगुने पानी का सेवन करें
- सांस लेने में परेशानी, खांसी, जुकाम होने पर चिकित्स को दिखाएं
- धूम्रपान न करें।