शिक्षक सुभाष और उनका परिवार दो दिन पहले घर में आने वाले नए मेहमान के स्वागत की तैयारियों में जुटे थे। घर में हलचल और परिजनों में खुशियों के पंख हिलोरे ले रहे थे। शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था।
बागेश्वर में हुए सड़क हादसे ने उनके पूरे परिवार की खुशियां छीन ली। मंगलवार को सुभाष चंद्र की अर्थी घर पहुंची तो दूसरी तरफ अस्पताल में उनके बेटे ने जन्म लिया। लेकिन घर में बच्चे की किलकारी की खुशियों की जगह मातम पसरा हुआ है।
सोमवार को बागेश्वर के पास टाटा सूमो दुर्घटना में सुभाष चंद्र की मौत हो गई थी। कोटद्वार के पदमपुर सुखरौ निवासी सुभाष चंद्र (34) वर्ष 2013 में शारीरिक शिक्षक पद पर नियुक्त हुए थे। नौकरी लगने के एक साल बाद ही उसकी शादी रेनू के साथ हुई थी।