जनता द्वारा चुने गए नेता और मंत्रियों को पौड़ी की जनता से कोई सरोकार नहीं हैं।
पौड़ी में 16वें दिन भी कूड़ा नहीं उठा। चारों ओर कूड़े के अंबार लगे होने से लोगों को महामारी का डर लोगों को सता रहा है। लेकिन नेता और विधायक इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नेताओं ने कोई ध्यान नहीं दिया
डॉक्टरों की मानें तो सरकारी अस्पताल में पीलिया और डायरिया के रोगी पहुंचने भी लगे हैं, इस सबके बावजूद जनता का सबसे बड़ा हमदर्द होने का दंभ भरने वाले नेताओं ने उसे उसके हाल पर छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि विधायक और पालिकाध्यक्ष राजधानी को निगल गए। राजनैतिक पार्टियों का असल चेहरा भी आज सामने आ गया है। सत्ताधारी कांग्रेस हो या भाजपा कोई भी पार्टी इस मुद्दे पर आगे नहीं आई है।
जिलाधिकारी और नगर पालिका अध्यक्ष की तनातनी के चलते पिछले 28 सितंबर से शहर का कूड़ा निस्तारित नहीं हो पाया है। पालिका शहर की सफाई करने के बाद कूड़े को कूड़ाघरों और सड़कों के किनारे डंप कर रही है।
इससे बस स्टेशन, धारा रोड, कोटद्वार रोड, अपर बाजार और एजेंसी चौक शहर के चारों ओर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। शहर में उठ रही दुर्गंध और गंदगी से महामारी फैलने का भय बना हुआ है। लोग पीलिया और अन्य बीमारियों की चपेट में आने लगे है।
पीड़ित मरीज पहुंच रहे अस्पताल
जिला अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. एनपी सिंह का कहना है कि अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों रोज चार-पांच पीलिया से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं, इनमें ज्यादातर पौड़ी शहर क्षेत्र के रहते हैं।
उन्होंने बताया कि सफाई न होने की दशा में पीलिया, डायरिया समेत अन्य बीमारियां भी फैल सकती हैं। शहर के निजी डॉक्टरों के यहां भी डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं।
इस बीच, क्षेत्रीय विधायक सुंदरलाल मंद्रवाल और पालिका अध्यक्ष यशपाल बेनाम रविवार सुबह देहरादून को रवाना हो गए। पालिकाध्यक्ष यशपाल बेनाम ने बताया कि वे एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने देहरादून जा रहे हैं।
सोमवार को बैठक शुरू होने से पहले पौड़ी पहुंच जाएंगे। विधायक सुंदर लाल मंद्रवाल से मोबाइल पर संपर्क करने पर नो रिप्लाई मिलता रहा। मंडल आयुक्त डीएस गर्ब्याल शनिवार को ही देहरादून रवाना हो गए थे।
संपर्क करने पर आयुक्त ने कहा कि वे मीटिंग में भाग लेने देहरादून गए हैं। समस्या के हल के लिए डीएम को निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने सोमवार को पालिका अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई है।
पालिका से ही पूछे जनता : डीएम
जिलाधिकारी चंद्रेश कुमार यादव ने रविवार को दोहराया कि शहर में कूड़ा निस्तारण की जिम्मेदारी नगर पालिका की है, लिहाजा इस संबंध में कोई भी सवाल नगर पालिका से पूछा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मामले के हल को 14 अक्तूवर को डीएम कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष और अन्य गणमान्य लोगों की बैठक होगी।
बरसात होती तो क्या हाल होता
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह ने बताया कि मौसम ठंडा होने के कारण शहर में स्थितियां ठीक हैं। बरसात के मौमस में ऐसी स्थितियां रहती तो दिक्कतें बढ़ जाती। संक्रामक बीमारियों का ज्यादा खतरा होता।
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