तालिबान के अन्य प्रमुख नेताओं में शेर मोहम्मद अब्बास स्तानिकजई ऊर्फ शेरू को अधिक तेजतर्रार व समझदार माना जाता है। इसकी वजह यह कि अन्य की तुलना में वह ज्यादा पढ़ा-लिखा है। भारत में उसने अंग्रेजी सीखी थी। राजनीतिक विज्ञान में मास्टर डिग्री भी उसने हासिल कर रखी है। इसके अलावा सेना में रहते हुए कई कोर्स भी किए हुए हैं। यही नहीं पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से भी उसने ट्रेनिंग ली हुई है। जबकि तालिबान के अन्य नेताओं ने अफगानिस्तान या पाकिस्तान के मदरसों में पढ़ाई की हुई है।
71 की जंग के बाद से अफगान कैडेटों को मिल रही ट्रेनिंग
भारतीय सैन्य अकादमी में देश के अलावा 30 मित्र देशों के कैडेटों को भी सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्ष 1971 के भारतपाक युद्ध के बाद अफगानिस्तान के कैडेटों को भी अकादमी में प्रीमिलिट्री ट्रेनिंग मिलनी शुरू हुई। तब से अब तक अफगानिस्तान के एक हजार से अधिक कैडेट सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर पास आउट हो चुके हैं। वर्तमान में भी अस्सी अफगान कैडेट आईएमए में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।