अफगानिस्तान सेना को नए सिरे से खड़ा करने में भारतीय सेना का रोल बढ़ता जा रहा है।
बढ़ी संख्या में अफगानिस्तान सेना के लिए भारतीय सैन्य अकादमियों सहित अन्य अकादमियों में कैडेट्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए अफगानिस्तान का 20 सदस्यीय सैन्य व राजनीतिक दल 14 दिसंबर को आईएमए भी पहुंच रहा है।
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति पहुंच सकते हैं आईएमए
हालांकि इस दौरान ही अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजाई भी सैन्य संबंधों को लेकर भारत दौरे पर रहेंगे, लेकिन उनका आईएमए में पहुंचना अभी तय नहीं हुआ है।
भारत और अफगानिस्तान के बीच 2011 में हुए सामरिक सहयोग समझौता (एसपीए) के तहत आईएमए देहरादून, एनडीए खड़गवासला और ओटीए चैन्नई और गया में साढ़े तीन सौ अफगानी कैडेट्स ट्रेनिंग ले रहे हैं।
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14 दिसंबर को 21 अफगानी कैडेट्स आईएमए से पासआउट होंगे, जबकि ओटीए से 30 की संख्या रहेगी। बीते तीन वर्षों में लगभग 1400 कैडेट्स को भारतीय सैन्य अकादमियां प्रशिक्षण दे चुकी हैं।
प्रशिक्षण के साथ हथियार भी मुहैया करवाने हैं
समझौते के तहत 2014 में अफगानिस्तान से नाटो फोर्सेज के लौटने की प्रक्रिया शुरू होने पर भारत को प्रशिक्षण के साथ हथियार भी मुहैया करवाने हैं। अफगानिस्तान सरकार का मानना है कि जिन हथियारों से उनके कैडेट्स ट्रेंड हो रही हैं उन्हीं को भारत से लिया जाए।
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इसके लिए अफगान और भारत सरकार के बीच वार्ता चल रही है। 12 दिसंबर को राष्ट्रपति हामिद करजाई के नेतृत्व में एक दल भारत दौरा प्रस्तावित है। इस दल में शामिल लगभग 20 सदस्यीय दल 13 दिसंबर को आईएमए पहुंचेगा।
दल आईएमए में कैडेट्स के प्रशिक्षण सुविधा के निरीक्षण के साथ पासिंग आउट परेड में शामिल रहेगा।