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युवा संस्कृति, सभ्यता के साथ जुड़कर नई तकनीकी को अपनाएं: राज्यपाल

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राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने शुक्रवार को वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय देहरादून के छठें दीक्षांत समारोह में 308 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि एवं 66 विद्यार्थियों को गोल्ड़ मेडल प्रदान किए। उन्होंने कहा कि हमें अपनी पुरातन सभ्यता, संस्कृति, आयुर्वेद और योग को नहीं भूलना चाहिए, यह उत्तराखंड की अलग पहचान है जो हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखती है। संस्कृति, सभ्यता के साथ जुड़कर नई तकनीकी को अपनाना है।
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राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय के आदर्श वीर माधो सिंह भंडारी हैं जो हम सबके लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उनकी महान वीरता, तकनीकी कुशलता, दृढ़ संकल्प और कुशलता को हम आज भी याद करते हैं। उन्होंने तकनीकी क्षेत्र के युवाओं, विद्वानों, शिक्षण संस्थानों और नेतृत्व कर्ताओं से अतीत के समृद्धशाली इतिहास को सामने लाने का आग्रह किया। राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड के विकास का संकल्प लेकर हमें तकनीकी के बल पर कार्य करना होगा। यहां की जल विद्युत परियोजनाएं, ऑर्गेनिक खेती, पयर्टन, तीर्थाटन, साहसिक गतिविधियों के साथ-साथ हर क्षेत्र में विकास की कहानी लिखते हुए इस धरती को हरियाली, खुशहाली और समृद्धि की ओर ले जाना होगा।
राज्यपाल ने उपस्थित विद्यार्थियों से कहा कि आप भारत और उत्तराखंड ही नहीं बल्कि विदेशों में भी रोजगार सृजन की दिशा में कार्य करें। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, डेटा सांइस व वेदर प्रिडेक्टिव मैनेजमेंट जैसे तकनीकी संसाधनों से हिमालयी जैव विविद्यता, औषधीय उत्पादन, प्राकृतिक संसाधनों को बढ़ाने के नए रास्ते खोजने होंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवाओं एवं तकनीकी विशेषज्ञों को रक्षा क्षेत्र में उनकी समस्याओं के निवारण के लिए आर्मी डिजाइन ब्यूरो के साथ एक समझौता पत्र हस्ताक्षरित किया है जो देश का प्रथम राज्य विश्वविद्यालय है जिसने यह एमओयू साइन किया है। वहीं ऑनलाइन परीक्षाओं को संपादित करने में भी विश्वविद्यालय ने अच्छा प्रयोग किया है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान में रोजगार के कम अवसर हैं। आपको स्वरोजगार अपनाकर उद्यमी बनना है। इस मौके पर सचिव तकनीकी शिक्षा रविनाथ रमन, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी, प्रो. एएम पुरोहित, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. आरपी गुप्ता, वित्त नियंत्रक विक्रम सिंह जंतवाल आदि उपस्थित रहे।
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