राज्य में 50 व इससे कम बेड क्षमता वाले अस्पतालों को क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट की परिधि से बाहर रखने के लिए कैबिनेट में शीघ्र संशोधन प्रस्ताव लाया जाएगा। एक्ट में उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश व हरियाणा की तर्ज पर संशोधन किया जाएगा।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) व नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (नमो) की ओर से क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट में शिथिलता, 50 व इससे कम बेड क्षमता वाले अस्पतालों को एक्ट की परिधि से बाहर रखने, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तहत ईटीपी एवं एसटीपी व्यवस्था में छूट, अस्थाई पंजीकरण के नवीनीकरण के शुल्क में छूट एवं अग्निशमन अधिनियम लागू करने की मांग की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन मांगों का एक्ट के तहत शीघ्र समाधान कर दिया जाएगा। बैठक में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. शैलजा भट्ट ने बताया कि आईएमए व नमो के पदाधिकारियों की मांग पर क्लीनिकल एक्ट को लेकर पूर्व में गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जिसका अवलोकन किया जा रहा है।
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बैठक में राज्य बाल आयोग की अध्यक्षा एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गीता खन्ना, अपर निदेशक डॉ. आरपी खंडूड़ी, संयुक्त निदेशक डॉ. एसएन झा, सीएमओ देहरादून डॉ. मनोज उप्रेती सहित आईएमए देहरादून के अध्यक्ष डॉ. आलोक सेमवाल, नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन से डॉ. गोपाल जी शर्मा, डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. संजय उप्रेती, डॉ. अमित उप्रेती, डॉ. देवाशीष चौहान आदि मौजूद थे।