अंतरराष्ट्रीय पत्रिका फोर्ब्स की ओर से जारी भारत के सौ अमीर लोगों की सूची में रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण को 48वें नंबर पर रखा गया है। पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक और सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि आयुर्वेद का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आंकलन किया जाना पूरे देश के लिए गौरव की बात है।
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acharya balkrishna
प्रसिद्ध पत्रिका फोर्ब्स की ओर से जारी सूची में आचार्य बालकृष्ण को अमीरों की सूची में 48वां स्थान प्राप्त हुआ है। पतंजलि आयुर्वेद विश्व की ऐसी पहली अनलिस्टेड कंपनी है, जिसे यह स्थान प्राप्त हुआ है।
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इससे पहले बाबा रामदेव को भी चर्चित व्यक्तियों की सूची में 30वां स्थान प्राप्त हो चुका है। अमेरिका की प्रसिद्ध पत्रिका फोर्ब्स विश्व की उन सौ दिग्गज शख्सयितों की सूची जारी करती रहती है, जो तेजी से प्रगति करते हुए इस मुकाम पर पहुंचे हैं। आचार्य बालकृष्ण को इस प्रतिष्ठित पत्रिका में 48वां स्थान प्रदान किया गया है।
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- फोटो : AmarUjal
आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि विश्व की चर्चित पत्रिकाएं केवल उन्हीं कंपनियों को अपनी गणना सूची में शामिल करती हैं, जो लिस्टेड हों। पतंजलि आयुर्वेद अभी उद्योगों की श्रेणी में लिस्टेड नहीं है। आज तक फोर्ब्स में ऐसी किसी कंपनी को स्थान नहीं दिया गया है, जो लिस्टेड न हो। भारत के लिए यह गर्व का विषय है कि अनलिस्टेड होते हुए भी पतंजलि का विश्व स्तरीय मूल्यांकन किया गया।
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उन्होंने कहा कि पतंजलि ने अपनी सेवाभाव और राष्ट्रवाद की भावना के बल पर समस्त देशवासियों का विश्वास जीता है। उत्पादन के क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता और उच्च मानक पतंजलि की पहचान है। राष्ट्रभावना को सर्वोपरि रखते हुए पतंजलि योगपीठ मानवता की सेवा करती रहेगी।
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पतंजलि का आटा नूडल्स
गौरतलब है कि पतंजलि योगपीठ और उससे जुड़े प्रतिष्ठान बड़ी तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। आयुर्वेदिक कंपनियों ने भारत की सभी प्रतिष्ठित कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। समझा जाता है कि वर्ष 2001 से इस क्षेत्र में आया पतंजलि परिवार शीघ्र ही देश में एक नया मुकाम हासिल कर लेगा।
पतंजलि की स्थापना बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने वर्ष 2006 में की थी। आज पतंजलि का कारोबार 5000 करोड़ को पार कर चुका है। इस वित्तीय वर्ष का लक्ष्य 10,000 करोड़ रखा गया है।