जालसाजों ने इंग्लैंड में रहने वाली एक महिला को मृत दर्शाकर उनकी संपत्ति अपने नाम करा ली। इसके बाद इसी संपत्ति में निवेश के नाम पर एक व्यक्ति से 71 लाख रुपये भी हड़प लिए। मामले में डालनवाला थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसएचओ डालनवाला मनोज मैनवाल ने बताया कि भंडारी बाग के रहने वाले गुफरान के साथ ठगी हुई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह मेरठ के रहने वाले अमित मैगी और उसके जीजा विनय विश्नोई को 12 सालों से जानते हैं। विश्नोई ने वर्ष 2017 में बताया था कि उसके साले अमित को उनकी सास शिला मैगी ने राजपुर रोड पर एक संपत्ति उपहार में दी है। वर्तमान में यह संपत्ति अमित मैगी के नाम पर है। विश्नोई ने उन्हें इस संपत्ति में निवेश का झांसा दिया और कहा कि इसकी एवज में वह संपत्ति के कुछ हिस्से की उन्हें पॉवर ऑफ अटॉर्नी कर देगा।
गुफरान उनकी बातों में आ गए और धीरे-धीरे कर 71 लाख रुपये उन्हें दे दिए। इसके बाद विश्नोई और अमित नेगी ने करीब 200 वर्ग गज संपत्ति की पॉवर ऑफ अटॉर्नी उनके नाम पर कर दी। यह अटॉर्नी पंजीकृत भी कराई गई है। कुछ समय बाद गुफरान को पता चला कि यह संपत्ति किसी रक्षा सिंह के नाम पर है। रक्षा सिंह नाम की महिला इंग्लैंड में रहती हैं। आरोप है कि मैगी और उसके जीजा ने रक्षा सिंह का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया और इसके आधार पर शीला मैगी के नाम करा दिया।
इसके बाद शीला देवी से उपहार में यह अमित नेगी के नाम कर दी गई। इस मामले की उन्होंने दिसंबर 2020 में तत्कालीन एसएसपी को शिकायत की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गुफरान ने अपने पैसे भी वापस मांगे लेकिन मैगी और उसके जीजा ने साफ इन्कार कर दिया। एसएचओ ने बताया कि अब प्राथमिक जांच के बाद इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।