न्यायिक मजिस्ट्रेट जतिन मित्तल की अदालत ने बलवे और सरकारी कार्य में बाधा के मामले में जमानत पर चल रहे खुशहालपुर निवासी आरोपी गुलफाम को पासपोर्ट बनवाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अदालत ने शुक्रवार को आरोपी की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
आरोपी की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया गया कि वह हज यात्रा पर जाना चाहता है। इसके लिए उसने 12 अगस्त को पासपोर्ट कार्यालय में आवेदन किया था। बचाव पक्ष ने पासपोर्ट बनवाने के लिए न्यायालय से अनुमति देने का अनुरोध किया। अभियोजन की ओर से प्रार्थना पत्र का विरोध किया गया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि पासपोर्ट जारी करना सक्षम अधिकारी के अधिकार क्षेत्र का विषय है। इसमें न्यायालय की ओर से हस्तक्षेप करना न्यायोचित नहीं है। इसी आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
आरोपी के खिलाफ वर्ष 2018 में सहसपुर पुलिस ने घातक हथियार से बलवा, लोक सेवक को चोट पहुंचाने, सरकारी कार्य में बाधा, जानबूझकर अपमान करने और धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस मामले में मई 2018 में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर चुकी है।