देश भर में नरेंद्र मोदी की राह में रोड़ा बने अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड की पौड़ी संसदीय सीट पर शायद भाजपा को वाकओवर दिया है।
आम आदमी पार्टी ने भाजपा के जनरल भुवन चंद्र खंडूरी के खिलाफ अभी तक कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है।
जबकि शेष चारों पर सीट पर पार्टी ने काफी पहले अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए थे। माना जा रहा है कि खंडूरी की साफ छवि और निजी संबंधों केचलते यहां से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है।
पौड़ी सीट पर फौजियों का दबदबा
आम आदमी पार्टी ने होली के पहले ही उत्तराखंड की पांच में चार सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए थे।
कभी कांग्रेस और भाजपा में रहे फौजी नेता टीपीएस रावत के आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद इस बात के कयास लग रहे थे उन्हें ही पौड़ी से आप का उम्मीदवार घोषित किया जाएगा। रावत यहां से सांसद भी रहे हैं।
पौड़ी सीट पर फौजियों का दबदबा माना जाता है और उनके बीच टीपीएस की मजबूत पकड़ भी है। टीपीसी की उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस भी डोरे डाल रही थी लेकिन पार्टी की आंतरिक राजनीति में कुछ नेताओं को उनकी वापसी रास नहीं आई।
खंडूरी की खुलकर तारीफ
भाजपा उम्मीदवार खंडूरी को लेकर आम आदमी पार्टी का रुख नरम रहा है। जिस दौरान दिल्ली में अन्ना हजारे ने लोकपाल बिल को लेकर आंदोलन छेड़ा, उसके तत्काल बाद उत्तराखंड की खंडूरी सरकार ने सबसे पहले लोकायुक्त बिल बनाकर पास कराया।
बताते हैं कि खंडूरी सरकार ने लोकायुक्त बिल का जो ड्राफ्ट तैयार किया था उसमें कहीं न कहीं अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण आदि नेताओं की भी भूमिका मानी रही थी।
उस समय अन्ना हजारे ने भी खंडूरी की खुलकर तारीफ की थी। बदले हालात में अन्ना और अरविंद अलग-अलग हैं लेकिन कहीं न कहीं यह माना जा रहा है कि खंडूरी को लेकर आप का नजरिया फिलहाल नरम है।