नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सीट से आम आदमी पार्टी (आप) के प्रत्याशी बल्ली सिंह चीमा सहित तीन कार्यकर्ताओं को सीजेएम ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हल्द्वानी जेल भेज दिया है।
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इन्हें आचार संहिता उल्लंघन में गिरफ्तार किया गया है। अन्य गिरफ्तार 14 कार्यकर्ताओं को कोर्ट से जमानत मिल गई है।
कोर्ट में पुलिस ने गिरफ्तार सभी कार्यकर्ताओं पर लगाई धाराओं में रिमांड पर लेने का प्रार्थना पत्र दिया था।
इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया कि वे अधीनस्थों से कहें कि कानून का अध्ययन करें। उचित धाराओं में ही रिमांड की याचना करें।
एसएसपी कैंप कार्यालय के बाहर दिया धरना
घटना सोमवार रात की है। आप कार्यकर्ताओं ने सीज वाहन रिलीज करने की मांग को लेकर एसएसपी कैंप कार्यालय के बाहर धरना दिया।
इस पर आप प्रत्याशी चीमा सहित 17 पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने 145, 171 (च) व 188 के तहत आचार संहिता उल्लंघन, चुनाव प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने की धाराओं में गिरफ्तार कर लिया था।
मंगलवार को पुलिस ने सभी को सीजेएम आशुतोष कुमार मिश्रा की अदालत में पेश किया।
इनमें प्रतपाल सिंह, मनमोहन सिंह, रविंद्रर सिंह, लक्षित वर्मा, चंद्रशेखर, कन्नू जोशी, उस्मान खान, उमेश कुमार, राजेंद्र सिंह, जगदीश तिवारी, प्रदीप कुमार, विद्या, प्रेरणा गर्ग और ललित मोहन ने जमानत के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया।
इस पर कोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया। लेकिन आप प्रत्याशी बल्ली सिंह चीमा, प्रताप सिंह और पवन चंद्र पांडे ने जमानत प्रार्थना पत्र पेश नहीं किया जिस पर न्यायालय ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हल्द्वानी जेल भेजने के आदेश दिए।
पुलिस ने कर लिया था आप का वाहन सीज
यहां बता दें कि रविवार को इंदिरा चौक पर पुलिस ने आम आदमी पार्टी के प्रचार वाहन को सीज कर दिया था।
इससे नाराज पार्टी कार्यकर्ता जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. पंकज पांडेय से मिले थे।
उन्होंने प्रचार वाहन की अनुमति जिला निर्वाचन अधिकारी को दिखाई तो उन्होंने एसएसपी को प्रचार वाहन रिलीज करने और संबंधित पुलिस अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए थे।
पुलिस कर रही भाजपा, कांग्रेस के इशारे पर काम
आप प्रत्याशी बल्ली सिंह चीमा का कहना है कि अनुमति पत्र के बाद भी पुलिस ने उनके प्रचार वाहन को सीज किया।
यही नहीं, तीन महिला कार्यकत्रियों को भी घंटों कोतवाली में खड़ा किया। इसका एकमात्र कारण किसी तरह उनका प्रचार रोकना है जो भाजपा और कांग्रेस के इशारे पर किया जा रहा है।
जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर भी पुलिस ने उनके प्रचार वाहन को नहीं छोड़ा। पुलिस पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।