नवगठित आदिबदरी अकेले ऐसी तहसील है, जहां पटवारी तक नहीं है। यहां तैनात पटवारी के दस दिनों के अवकाश पर जाने से तहसील पटवारी विहीन भी हो गई। एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार तो पहले से ही नहीं थे।
आदिबदरी क्षेत्र के 63 गांवों के लिए मई 2012 में तहसील की घोषणा हुई। 18 जनवरी 2013 को शासनादेश और 1 जुलाई 2014 उद्घाटन के साथ ही तहसील ने काम करना शुरू कर दिया। तब से दस महीने बीत गए हैं।
यहां एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार की नियुक्ति नहीं हो पाई है। वर्तमान में नायब नाजिर और कानूनगो ही तहसील की व्यवस्थाएं देख रहे हैं। मजे की बात तो यह भी है कि 63 गांवों वाली इस तहसील में केवल दो ही पटवारी तैनात हैं। इनमें एक यात्रा ड्यूटी पर बदरीनाथ में तैनात हैं, तो दूसरे पटवारी अपने निजी कार्य से दस दिनों के अवकाश पर चले गए हैं। ऐसे में वर्तमान में तहसील में एक भी पटवारी नहीं है।