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582 मलिन बस्तियों के मालिकाना हक का रास्ता साफ

Mon, 22 Feb 2016 04:12 AM IST
अनिल चन्दोला/अमर उजाला, देहरादून
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प्रदेश की 582 मान्यता प्राप्त मलिन बस्तियों के मालिकाना हक का रास्ता साफ हो गया है। इससे प्रदेश के साढ़े सात लाख से ज्यादा लोगों को फायदा मिलेगा। मलिन बस्ती सुधार समिति की सिफारिशों पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सहमति जताई है। प्रस्ताव को मंजूरी के लिए अगली कैबिनेट में रखा जाएगा।
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प्रदेश में मलिन बस्तियों के नियमितीकरण और मालिकाना हक के संबंध में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक साल पहले राजपुर विधायक राजकुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय मलिन बस्ती सुधार समिति गठित की थी। समिति ने कुछ समय पूर्व रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी थी।

कार्ययोजना तैयार
सीएम के सहमति जताने के बाद मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह, संसदीय सचिव राजकुमार, सचिव शहरी विकास डीएस गर्ब्याल, सचिव आवास आर मीनाक्षी सुंदरम, सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने बैठक कर इसके क्रियान्वयन की कार्ययोजना तैयार की।
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मालिकाना हक मिलने के बाद 582 मान्यता प्राप्त मलिन बस्तियों के 1,53,174 भवनों के 7,71,585 लोगों को फायदा मिलेगा। इसके बाद इन मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों को स्थायी निवास, आय समेत अन्य प्रमाण पत्र बनवाने में सहूलियत होगी। यही नहीं उन्हें संपत्ति पर लोन भी मिल सकेगा।

मलिन बस्तियों का लगातार विस्तार
समिति ने अपनी सिफारिशों में बताया कि साल 1977 से बसनी शुरू हुई मलिन बस्तियों का लगातार विस्तार हुआ है। मान्यता प्राप्त मलिन बस्तियों में संबंधित विभागों ने पानी, बिजली, स्वास्थ्य, हाउस टैक्स समेत अन्य सुविधाएं दी हैं। ज्यादातर जगहों पर बड़े पैमाने पर विकास कार्य हो चुके हैं।

ऐसे में वहां से लोगों को हटाने के बजाय मालिकाना हक देने का विकल्प अधिक उचित है। समिति ने प्रत्येक बस्ती में अलग-अलग विभागों की जमीन भी चिह्नित की है। सबसे ज्यादा देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में ऐसी बस्तियां हैं।

इनका है कहना
मालिकाना हक के साथ ही सरकार मलिन बस्तियों के लोगों को स्टांप शुल्क में छूट देगी। इस संबंध में प्रस्ताव दिया गया है। नियमितीकरण से सरकार को राजस्व लाभ होगा। मलिन बस्तियों में रहने वालों को तो मालिकाना हक दिया जाएगा, लेकिन नदी के बीच या असुरक्षित स्थानों पर रहने वालों को पुनर्वासित किया जाएगा। सरकार पहले फ्लैट बनाकर इन्हें पुनर्वासित करेगी।
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-राजकुमार, अध्यक्ष मलिन बस्ती सुधार समिति
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