पेयजल योजनाओं के कार्य अब तेजी से हो सकेंगे। ठेकेदारों पर भी पूरी नजर बनी रहेगी। पेयजल निगम की ओर से पहली बार 111 जेई आउट सोर्सिंग पर लिए जा रहे हैं। इसके लिए मोहाली की एक कंपनी के साथ टेंडर प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है।
पेयजल निगम में इस समय 288 जेई के पद रिक्त हैं। ऐसे में राज्यभर में किए जा रहे पेयजल कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ठेकेदार अपनी मनमानी करते हैं और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इतना ही नहीं ठेकेदारों की लापरवाही के चलते काम भी समय पर पूरे नहीं हो पाते हैं।
अधिकारी रिटायर हो रहे हैं, लेकिन उतने नए अधिकारियों की नियुक्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में निगम अधिकारियों ने इस परेशानी से निपटने का रास्ता ढूंढ निकाला है। निगम की ओर से पहली बार आउट-सोर्सिंग पर जेई रखे जा रहे हैं।
पंद्रह हजार होगा वेतन
जिन्होंने इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया हुआ है और तीन साल का काम का अनुभव है। उनकी भर्ती मोहाली की कंपनी कर रही है। वह सीधे 111 जेई निगम को देगी। इन जेई का वेतन पंद्रह हजार होगा। जबकि, आयोग से भर्ती करने वाले जेई का वेतन इससे काफी अधिक होता है।
काम सभी जेई का बराबर होगा। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है, फिलहाल एक साल के लिए इन्हें लिया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो आगे भी इन्हें रखा जाएगा।
यह हैं पद
पेयजल निगम में जेई के स्वीकृत पद- 529
इस समय कार्यरत- 241
रिक्त पड़े पद- 288