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IMA POP: देश को आज मिले 288 युवा अफसर, मित्र देशों के 'लाल' ने भी माटी को किया 'सलाम'

Sat, 11 Jun 2022 01:03 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में शनिवार को 377 जेंटलमैन कैडेट्स पासिंग आउट परेड में शामिल हुए। इनमें से 288 युवा सैन्य अधिकारी भारतीय थलसेना को मिले। साथ ही आठ मित्र देशों के 89 कैडेट्स भी पास आउट हो गए हैं। 
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आईएमए पासिंग आउट परेड 2022 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से आज शनिवार को 288 युवा अफसर देश की सेना की मुख्यधारा में जुड़ गए है। साथ ही अलग-अलग आठ मित्र देशों के 89 कैडेट्स भी अकादमी से पास आउट हुए। शनिवार को पासिंग आउट परेड की दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह ने सलामी ली।

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पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि शुक्रवार को अकादमी में पहुंच गए थे। परेड से पूर्व परिसर में सेना और बाहर पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। अकादमी के ऐतिहासिक चेटवुड भवन के सामने ड्रिल स्क्वायर पर परेड सुबह छह बजे से शुरू हुई थी।

परेड के बाद आयोजित होने वाली पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद पासिंग आउट बैच के 377 जेंटलमैन कैडेट्स बतौर लेफ्टिनेंट देश-विदेश की सेना की मुख्यधारा में शामिल हुए। इनमें 288 युवा सैन्य अधिकारी भारतीय थलसेना को मिले।

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आठ मित्र देशों से  89 युवा सैन्य अधिकारी

89 युवा सैन्य अधिकारी आठ मित्र देशों अफगानिस्तान, भूटान, किर्गिस्तान, मालदीव, नेपाल, श्रीलंका, तजाकिस्तान व तंजानिया की सेना के अभिन्न अंग बने। इसके बाद सैन्य अकादमी के नाम देश-विदेश की सेना को 64,145 युवा सैन्य अधिकारी देने का गौरव जुड़ गया। इनमें मित्र देशों को मिले 2,813 सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं। परेड के दौरान शनिवार सुबह पांच बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक पंडितवाड़ी से लेकर प्रेमनगर तक जीरो जोन रहा। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-72 (चकराता रोड) से गुजरने वाला यातायात प्रेमनगर व बल्लूपुर से डायवर्ट रहा।

अफगानिस्तान के 43 कैडेट्स का यह अंतिम बैच

आईएमए में अबकी अफगानिस्तान के कैडे्टस का अंतिम बैच है। अबकी 43 कैडेट्स पास आउट हुए, लेकिन इनका भविष्य अधर में नजर आ रहा है। कारण है कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद अफगान राष्ट्रीय सेना का अस्तित्व समाप्त हो गया है। पिछले साल 15 अगस्त को अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो गया था। पिछले साल तालिबानी कब्जे के दौरान अफगानिस्तान के 83 जेंटलमैन कैडेट्स आईएमए में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे थे। इनमें से 40 कैडेट्स दिसंबर 2021 में हुई पासिंग आउट परेड के दौरान पास आउट हुए थे। शेष 43 कैडेट्स शनिवार को पास आउट हुए।

तालिबानी सत्ता के बाद कोई भी अफगान कैडेट्स नहीं आया आईएमए

अफगानिस्तान में तालिबानी सत्ता आने के बाद कोई भी अफगान कैडेट्स सैन्य प्रशिक्षण के लिए आईएमए नहीं आया। इस लिहाज से मौजूदा परिप्रेक्ष्य में आईएमए से पास आउट होने वाला अफगान कैडेट्स का यह अंतिम बैच है। साल 2018 में भी 49 अफगान कैडेट्स अकादमी से पास आउट हुए थे। इसके बाद दिसंबर 2020 में हुई पीओपी में 41 और जून 2021 में 43 कैडेट्स पास आउट हुए थे।

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सर्वोच्च बलिदान देने वालों को दी श्रद्धांजलि

जेंटलमैन कैडेट्स ने पास आउट होने से पहले देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैन्य अफसरों की जांबाजी से प्रेरणा ली। शनिवार को पीओपी में शिरकत कर पास आउट होने वाले 377 जेंटलमैन कैडेट्स ने शुक्रवार की सुबह आईएमए स्थित युद्ध स्मारक पर बलिदानी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। युद्ध स्मारक में आईएमए से पास आउट उन 898 सैन्य अफसरों के नाम अंकित हैं, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए बलिदान दिया है। अकादमी के कमांडेंट ले. जनरल हरिंदर सिंह, अकादमी के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों व पासिंग आउट बैच की तरफ से एकेडमी अंडर आफिसर ने युद्ध स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित कर सैन्य अफसरों को नमन किया। युद्ध स्मारक का लोकार्पण 17 नवंबर 1999 को फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ ने किया था।
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