संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से मान्यता लेकर निजी क्षेत्रों में चल रहे 246 संस्कृत स्कूलों को सरकारी सहायता दी जाएगी।
इनके शिक्षकों व कर्मचारियों को सरकारी स्कूलों के समान वेतनमान दिया जाएगा।
बुधवार को यूपी कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय किया गया। इसके मुताबिक उन्हीं स्कूलों को सरकारी सहायता दी जाएगी जो 31 दिसंबर, 2000 तक मान्यता प्राप्त करने के बाद चल रहे हैं।
इन स्कूलों को अनुदान सूची पर लेने के लिए मंडल व राज्य स्तर पर कमेटियां बनाई जाएंगी। इस निर्णय से करीब 3000 शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मियों को लाभ मिलेगा।
प्रदेश में 10 फरवरी, 2007 को तत्कालीन मुलायम सरकार में 246 संस्कृत स्कूलों को अनुदान सूची पर लेने की सहमति बनी थी।
लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद माया सरकार ने नियम इतने कड़े कर दिए कि इन स्कूलों को अनुदान सूची पर शामिल नहीं किया जा सका।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पुन: इन स्कूलों को अनुदान सूची पर लेने की सहमति बनी है।
अनुदान सूची पर लेने के लिए मंडल स्तर पर संयुक्त शिक्षा निदेशक और राज्य स्तर पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में कमेटियां बनाई जाएंगी।