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एक पखवाड़े से तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना का काम ठप

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गोपेश्वर। तपोवन क्षेत्र के ग्रामीणों के विरोध के कारण धौली गंगा पर निर्माणाधीन 530 मेगावाट की तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना का कार्य एक पखवाड़े से ठप पड़ा है। इससे एनटीपीसी को लाखों का नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने धोली गंगा के किनारे अवैध रूप से संचालित एनटीपीसी के क्रशर का संचालन बंद करने, प्रभावित क्षेत्र के युवाओं को रोजगार देने और विस्फोट से मकानों को हुई क्षति का मुआवजा देने की मांग की और डीएम को ज्ञापन भेजा।
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तपोवन बाजार में आयोजित बैठक में तपोवन की ग्राम प्रधान गणेशी देवी, व्यापार मंडल अध्यक्ष कैलाश नौटियाल, युवक मंगल दल अध्यक्ष विकास पंवार और गंगा सेवा अध्यक्ष प्रवीण नौटियाल ने कहा कि 28 नवंबर से मांगों के लिए परियोजना प्रभावित आंदोलनरत हैं। वर्ष 2009 में एनटीपीसी के अधिकारियों ने जिला प्रशासन की मध्यस्थता में हुए समझौते में मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन इस ओर कोई कार्रवाई नहीं हुई। धोली गांव में अवैध रूप से एनटीपीसी की ओर से क्रशर का संचालन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण प्रदूषित होने के साथ ही लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। बैठक में राजेंद्र लाल, बल्लू लाल, इंदु देवी, राधा, शांता, अवतार सिंह, योगेश थपलियाल, आशीष फरस्वाण, प्रताप राणा, राजेंद्र रावत, विनोद, विनोद राणा और वीरेंद्र पंवार आदि मौजूद थे। इधर, एनटीपीसी के सीनियर मैनेजर एके घिल्डियाल का कहना है कि मानक के अनुसार प्रभावित क्षेत्र के युवाओं को रोजगार दिया गया है। शासन के आदेश पर ही क्रशर का संचालन किया जा रहा है।
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