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तिथियां निर्धारित कर अतिक्रमण हटाना भूला प्रशासन

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। तीर्थनगरी ऋषिकेश में स्थानीय प्रशासन के अतिक्रमण विरोधी अभियान के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। एसडीएम ने अतिक्रमण हटाने के लिए दो बार अधिकारियों के साथ बैठक कर तिथि निर्धारित की, लेकिन दोनों बार योजना धरातल पर नहीं उतर पाई। हाईकोर्ट के निर्देश पर तीर्थनगरी में अवैध ढंग से निर्मित आश्रम, व्यवसायिक भवनों और सड़क पर अवैध कब्जों को हटाने कार्रवाई हो रही है। इसी क्रम में प्रशासन ने शहर के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण चिह्नीकरण अभियान चलाया था लेकिन प्रशासन की ओर से अतिक्रमण विरोधी अभियान केवल निशान लगाने तक ही सीमित होकर रह गया है।
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इस संदर्भ में एक स्थानीय व्यक्ति अनिल कुमार ने मुख्य सचिव को भेजी सूची के जरिए ऋषिकेश में अतिक्रमण विरोधी अभियान पर सवालिया निशान लगा दिया है। उन्होंने डाक से शासन को भेजी सूची के माध्यम से बताया कि हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के लिए पांच सप्ताह का समय दिया था। तय समय बीत जाने के बाद भी शहर की सड़कों से अतिक्रमण हटाना तो दूर की बात है, स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऋषिकेश में विभिन्न बाजारों में व्यापारियों ने अपनी सुविधा के अनुसार दुकानों से सड़क पर फैले अतिक्रमण को हटाया था।
सूची के मुताबिक शहर के चंद्रभागा नदी, मायाकुंड जाने वाले तटबंध पर आश्रम में स्लैब, बीटीसी परिसर में 200 अवैध खोखे, सरस्वती नाले, मालवीय नगर, जीवनी माई रोड पर अवैध ठेलियों, घाट रोड, हरिद्वार मार्ग पर पीडब्लूडी पर्यटक गृह की बाउंड्रीवाल, आशामाई धर्मशाला के बाहर टीन शेड, नानकी धर्मशाला हरिद्वार रोड, पंजाब सिंध बैंक के पीछे सरस्वती नाले आदि पर अतिक्रमण की स्थिति टस से मस नहीं हुई है।
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कोट्स
निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी हो गई है। इसी व्यस्तता के बीच जो समय मिल पाएगा उसी में अतिक्रमण हटवाने का अभियान भी चलेगा।
- हर गिरि उपजिलाधिकारी

नगर निगम की ओर से लगभग 70-80 प्रतिशत अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। शेष बचे अतिक्रमण को पुलिस और प्रशासन के सहयोग से हटाया जाएगा।
- उत्तम सिंह नेगी- सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश
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