ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
ऋषिकेश। उत्तराखंड क्रांति दल महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रमा चौहान ने ग्रामसभा गौहरीमाफी में बाढ़ पर क्षेेत्रीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष से इस्तीफे देने की मांग की है। रमा का कहना है कि संयम रहते गांव की सुरक्षा के लिए स्थाई इंतजाम पहले किए जाते, तो ग्रामीणों को बाढ़ के संकट से जूझना नहीं पड़ता।
प्रेस क्लब में ब्धवार को पत्रकारों से बातचीत में मोर्चा अध्यक्ष रमा चौहान ने कहा कि गौहरीमाफी में जनप्रतिनिधियों और सरकारी लापरवाही से बाढ़ आई है। ग्रामीण लगातार बाढ़ से सुरक्षा के लिए स्थाई इंतजाम की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार अनसुनी करती रही। नतीजतन गौहरीमाफी के ग्रामीण एक सप्ताह से बाढ़ में फंसे हुए हैं। ऐसे में क्षेत्रीय विधायक को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
इसके अलावा रमा ने गढ़वाल के प्रवेश द्वार तीर्थनगरी ऋषिकेश के पास शराब की दुकान खुलने पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पवित्र धामों को जोड़ने वाले मार्ग पर शराब की खुलेआम बिक्री शर्मसार करने वाली है। इसके अलावा नगर निकाय चुनाव की तैयारियां और नगर निगम ऋषिकेश चुनाव में उक्रांद का प्रत्याशी उतारने की जानकारी दी।
सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं : पंवार
यूकेडी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार ने गौहरमाफी में बाढ़ पीड़ितों के विस्थापन की मांग की है। उन्होंने कहा कि बीते 18 वर्षों में गौहरीमाफी की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। हर बार सरकार बदलती रही, लेकिन क्षेत्र के लोगों को बाढ़ सुरक्षा के नाम पर छला गया। तीन बार के क्षेत्र के विधायक और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने भी क्षेत्र की बाढ़ की समस्या के लिए कोई ठोस काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून में अवैध बस्तियों को बचाने के लिए अध्यादेश ला सकती है, लेकिन प्रदेश के 687 गांव के विस्थापन को लेकर सरकार के पास कोई योजना नहीं है।