ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
रायवाला। सौंग नदी की बाढ़ से घिरे गौहरीमाफी गांव के हालात सातवें दिन भी जस के तस हैं। जलस्तर में गिरावट नहीं आने से कामकाजी और आवश्यक खरीदारी करने वाले लोग एसडीआरएफ की राफ्ट पर ही निर्भर रहे। हालांकि बुधवार को भी प्रशासन की टीम के अलावा ऊर्जा निगम, स्वास्थ विभाग और जल संस्थान की टीमें राहत कार्य में जुटी रही।
गौहरीमाफी गांव के बीच से बह रही सौंग नदी की जलस्तर में बुधवार दोपहर तक मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन दोपहर बाद जलस्तर फिर से बढ़ गया। इसके चलते गांव की आधे से ज्यादा आबादी जरूरी चीजों के लिए जूझती रही। हालांकि एसडीआरएफ के जवानों ने राफ्ट के माध्यम से लोगों का सुविधा पहुंचाईं। एसडीआरएफ टीम का नेतृत्व कर रहे सचिन रावत ने बताया कि सुबह से शाम तक करीब 100 से अधिक लोगों को आर-पार कराया गया है। इसके अलावा प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार केडी जोशी, लेखपाल नीरजकांत आदि ने गांव पहुंचकर प्रभावितों के नुकसान का जायजा लिया। स्वास्थ विभाग की टीम ने भी गांव में कैंप कर दवाइयां वितरित की। उपजिलाधिकारी हर गिरि ने बताया की गांव में खाद्यान्न, ईंधन आदि की पर्याप्त आपूर्ति कर दी गई है। ग्राम प्रधान सरिता रतूड़ी ने बताया कि प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे अत्यधिक प्रभावित परिवारों को राहत कैंप के माध्यम से सामग्री पहुंचाई जा रही है।
जलधारा बदलने में जुटी हैं जेसीबी
सौंग नदी की जलधारा मोड़ने की कोशिश में बुधवार को भी दिनभर चार जेसीबी लगी रहीं, लेकिन देरशाम तक जलधारा में कोई खास परिवर्तन नहीं किया जा सका है। इससे अभी हालात सुधरने के कोई आसार नहीं हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डीके सिंह ने बताया कि जलधारा मोड़ने के लिए सौंग नदी में चेलेनाइजेशन का कार्य शुरू करा दिया गया है। इसके लिए चार जेसीबी लगाई गई हैं। जल्द ही जलधारा मोड़ने में सफलता मिलने की उम्मीद है।
जल संस्थान की टीम ने किया जागरूक
बाढ़ के बाद पानी से संक्रमण के खतरे के मद्देनजर जल संस्थान की टीम बुधवार को राफ्ट के सहारे गौहरीमाफ गांव पहुंची। अधीक्षण अभियंता आरके रोहेला के नेतृत्व में पहुंची टीम ने घर-घर जाकर सोडियम हाईपोक्लोराइट दवा का वितरण किया गया। एसई आरके रोहेला ने बताया कि गांव में सभी लोग निजी हैंडपंप का उपयोग करते हैं। सोडियम हाईपोक्लोराइट की एक बूंद पानी में मिलाने से बीमारियों से बचा जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छ और उबालकर पानी का सेवन करने की सलाह दी। टीम में अधिशासी अभियंता नमित रमोला, जलकल अभियंता एवीएस रावत, अवर अभियंता प्रमोद हटवाल, लैब असिसटेंट बडोला,फील्ड कर्मचारी विनोद थापा आदि शामिल रहे।