ब्यूरो/अमर उजाला, सुनीत द्विवेदी
देहरादून। नगर निगम क्षेत्र में मौजूद अपार्टमेंटों के अभी तक नहीं बिके एक हजार फ्लैटों का हाउस टैक्स बिल्डरों को देना होगा। नगर निगम वर्ष 2014 से हाउस टैक्स नहीं देने वाले बिल्डरों पर कार्रवाई करेगा। बिल्डरों से न केवल हाउस टैक्स वसूला जाएगा, बल्कि जुर्माना भी लिया जाएगा। इससे निगम को एक करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिलने की संभावना है।
निगम प्रशासन की ओर से शहर में मौजूद और निर्माणाधीन बिल्डरों के प्रोजेक्ट का सर्वे कराया जा रहा है। इसमें वर्ष 2014 से हाउस टैक्स नहीं देने वाले बिल्डरों से हाउस टैक्स वसूला जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक जब तक फ्लैट नहीं बिकता है, तब तक का हाउस टैक्स बिल्डर से वसूला जाएगा। वहीं, फ्लैट बिकने के बाद का हाउस टैक्स फ्लैट मालिक से लिया जाएगा। बीते कई वर्षों से टैक्स नहीं मिलने से नगर निगम को एक करोड़ से अधिक राजस्व का नुकसान हो रहा है। यही कारण है कि अब निगम ने सख्त कदम उठाए हैं। वहीं, जिन लोगों ने फ्लैट ले लिया है और मौजूदा समय पर उसमें नहीं रह रहे हैं, उन्हें भी हाउस टैक्स देना होगा। इसके अलावा जुर्माना भी वसूला जाएगा।
===
ऐसे समझें टैक्स का गणित
उदाहरण के तौर पर मान लें कि एक बिल्डर ने 20 फ्लैट बनाए हैं, जिनमें से 10 बिक गए और 10 उसके पास हैं। ऐसे में नगर निगम बिल्डर के पास मौजूद फ्लैटों पर हाउस टैक्स लेगा। वहीं, अगर निगम क्षेत्र में हाउस टैक्स लगने के तीन साल बाद फ्लैट बिक गया, ऐसी स्थिति में तीन साल का हाउस टैक्स बिल्डर और इसके बाद का हाउस टैक्स फ्लैट स्वामी से वसूला जाएगा। ऐसे में बिल्डर फ्लैट बिकने पर हाउस टैक्स फ्लैट स्वामी से वसूलने की बात कहकर पल्ला नहीं झाड़ सकेगा।
---
आखिर पहले क्यों नहीं हुई कार्रवाई
नगर निगम क्षेत्र में वर्ष 2014 से हाउस टैक्स वसूला जा रहा है। लेकिन, इसके बावजूद पहले हाउस टैक्स क्यों नहीं वसूला गया? इसे कहीं न कहीं अधिकारियों की सुस्ती ही कहेंगे, नहीं तो अब तक काफी राजस्व निगम के पास आ चुका होता। नगर आयुक्त ने इस बाबत जानकारी मिलने के बाद बिल्डरों से हाउस टैक्स वसूली के निर्देश दिए, जिसके बाद कर अनुभाग ने इसे लेकर सर्वे शुरू करा दिया है।
---
जिस समय से हाउस टैक्स लगा है, उस समय जो भी मालिक (बिल्डर या फ्लैट मालिक) होगा उससे टैक्स वसूला जाएगा। इसमें किसी भी तरह की रियायत नहीं बरती जाएगी। जुर्माने के साथ हाउस टैक्स वसूला जाएगा।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त