ब्यूरो/अमर उजाला/विकासनगर।
कम छात्र संख्या वाले स्कूलों से भोजनमाताओं को न हटाने, वर्ष में 10 आकस्मिक अवकाश स्वीकृत करने, भोजनमाताओं को प्रतिमाह छह हजार रुपये मानदेय देने समेत विभिन्न सूत्रीय मांगों को लेकर भोजन माताओं के एक प्रतिनिधि मंडल ने रविवार को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय से उनके यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर मुलाकात की। जिस पर शिक्षा मंत्री ने भोजन माताओं को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि किसी भी भोजनमाता को नहीं हटाया जाएगा। जल्द ही सरकार भोजनमाताओं को ड्रेस देगी। उनका मानदेय भी बढ़ाया जाएगा। प्रदेश सरकार मातृ शक्ति का सम्मान करती है।
भोजनमाता संगठन की प्रदेश अध्यक्ष ऊषा देवी ने कहा कि पूरे प्रदेश में वर्तमान में 30 हजार भोजन माताएं कार्यरत हैं। 2003 से सभी भोजन माताएं अल्प मानदेय पर काम कर रही है, लेकिन अब तक मानदेय नहीं बढ़ाया जा सका है। जिस कारण परिवार का भरण पोषण करने में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अक्षय पात्र संस्था को मिड-डे मील योजना का काम सौंप देने से भोजन माताओं के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही संगठन भोजन माता सम्मेलन का आयोजन करेगा। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री को बुलाया जाएगा। इस मौके पर संगठन के संरक्षक जगदीश गुप्ता, गीता देवी, मिलश देवी, गुड्डी, माधुरी आदि मौजूद रहे।