फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदरीनाथ की यात्रा से पहले नृसिंह मंदिर के दर्शनों का है महातम्य

विज्ञापन
विज्ञापन
जोशीमठ। गोवर्धन पीठ (पुरी) के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा से पहले जोशीमठ में नृसिंह मंदिर के दर्शनों की धार्मिक परंपराएं हैं। आदि गुरु शंकराचार्य ने जोशीमठ में नृसिंह मंदिर की स्थापना के बाद बदरीनाथ धाम की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि ऑलवेदर रोड परियोजना से तीर्थयात्रियों को नृसिंह मंदिर के दर्शनों से दूर करना उचित नहीं है।
विज्ञापन

बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा पर पहुंचे गोवर्धन पीठ (पुरी) के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने जोशीमठ में प्रवास किया। इस दौरान आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए हिंदू समाज को आगे आना चाहिए। ज्योर्तिमठ सनातन धर्म का धार्मिक स्थान है। यहां आदि गुरु शंकराचार्य ने आठवीं सदी में तपस्या कर अखंड ज्योति की प्राप्ति कर प्रथम पीठ की स्थापना की थी। ज्योर्तिमठ पीठ के शंकराचार्य पद पर चल रहे विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि मामले को न्यायालय के बजाय आपस में मिलजुल कर सुलझाना चाहिए। राम मंदिर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण अयोध्या में ही होना चाहिए। राम मंदिर पर राजनीति करना ठीक नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें