गैरसैंण। स्थायी राजधानी की मांग को लेकर रामलीला मैैदान में अनशनकारियों का आमरण अनशन छठवें दिन भी जारी रहा। बुधवार को एसडीएम स्मृता परमार ने अनशनकारियों से वार्ता की और गैरसैंण में आगामी बजट सत्र होने की बात कहकर अनशन समाप्त करने की अपील की, लेकिन अनशनकारियों ने बजट सत्र को सरकार का लॉलीपॉप कह कर वार्ता को नकार दिया। इसके बाद अनशनकारियों के समर्थन में संघर्ष समिति ने मुख्य बाजार में प्रदर्शन कर सरकार का पुतला फूंका।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर रामलीला मैदान में मूसों के वीरेंद्र आर्य, नारायणबगड़ के गंभीर सिंह और स्यूंणी मल्ली के ध्यान सिंह 26 जनवरी से आमरण अनशन (भूखहड़ताल) पर बैठे हैं। अनशनकारियों के स्वास्थ्य में गिरावट को देखते हुए बुधवार को एसडीएम स्मृता परमार धरनास्थल पर पहुंची। उन्होंने बजट सत्र गैरसैंण में होने की बात कहते हुए अनशन तोड़ने की बात कही। एसडीएम ने कहा कि राजधानी पर निर्णय शासन स्तर का है। इसलिए अनशनकारी अन्न-जल ग्रहण करें। आंदोलनकारियों ने बजट सत्र को लॉलीपॉप बताया। कहा कि जब तक सरकार गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके बाद संघर्ष समिति ने मुख्य बाजार में गैरसैंण राजधानी के समर्थन में नारेबाजी कर राज्य सरकार का पुतला फूंका। आंदोलन के समर्थन में नारायणबगड़ से भी भारी संख्या में लोग पहुंचे थे। प्रदर्शन और समर्थन देने वालों में समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बिष्ट, प्रमुख सुमति बिष्ट, सुरेश कुमार बिष्ट, गोपाल पंत, बृजमोहन, धूमा देवी, कृष्णा नेगी, धनीराम, नारायण सिंह, वीरेंद्र जोशी, सुरेंद्र धनेत्रा, दर्शन भंडारी, ध्यान सिंह कोटवाल, देवराज रावत, गौचर नगर पालिका के अध्यक्ष मुकेश नेगी, रघुवीर खत्री और हरक सिंह आदि शामिल थे।