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दो जगह एक ही समय हाजिरी लगाने पर कटघरे में शिक्षक
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-- दिनेश चंद्र द्वारा आरटीआई में मांगी सूचना के बाद हुआ खुलासा
-- उपशिक्षा अधिकारी पर लगाया पक्षपात का आरोप

अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय खांकर नरेंद्रनगर टिहरी गढ़वाल में एक शिक्षक के कोर्ट और तैनाती वाले स्कूल में एक ही दिन हस्ताक्षर दर्ज होने करने का मामला सामने आया है। शिक्षक किसी मामले में तीन दिन नई टिहरी कोर्ट में पेश हुआ और इन्हीं दिनों में शिक्षक के हस्ताक्षर स्कूल की उपस्थिति पंजिका में भी दर्ज हैं। ढालवाला निवासी दिनेश चंद्र द्वारा सूचना का अधिकार में मांगी गई सूचना में यह मामला सामने आया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने उपशिक्षा अधिकारी नरेंद्रनगर को निरीक्षण के आदेश दिए, लेकिन उक्त उपशिक्षा अधिकारी द्वारा पक्षपात किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार अनिल कपरुवान राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय खांकर नरेंद्रनगर टिहरी गढ़वाल में तैनात हैं। शिक्षक किसी मामले में 29 जुलाई और 12 और 26 अगस्त को कोर्ट में पेश हुआ था। लेकिन इसी तिथि को शिक्षक ने स्कूल के हाजिरी रजिस्टर में उपस्थिति लगाई है।
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दिनेश चंद्र का दावा है कि संबंधित स्कूल से कोर्ट तक एक दिन में नहीं पहुंचा जा सकता है। उनकी शिकायत पर जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ने उपशिक्षा अधिकारी नरेंद्रनगर को मामले का संज्ञान लेकर विद्यालय के निरीक्षण के लिखित आदेश दिए। लेकिन उपशिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण की बजाए शिकायतकर्ता को ही फटकार लर्गाई। दिनेश चंद्र ने सवाल उठाया कि अगर स्कूल की छुट्टी दोपहर एक बजे होती थी, तो शिक्षक अनिल कोर्ट में एक बजे कैसे पहुंच जाता था। जबकि स्कूल से नई टिहरी न्यायालय में पहुंचने में एक घंटे से भी ज्यादा का समय लगता है। उन्होंने उपशिक्षा अधिकारी नरेंद्रनगर पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है।
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इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी सुदर्शन सिंह बिष्ट का कहना है कि उन्होंने उपशिक्षा अधिकारी नरेंद्रनगर को जांच के लिए लिखित आदेश दिए थे। फिलहाल उन्हें जांच की रिपोर्ट नहीं मिली है। शिक्षक या किसी अधिकारी ने तथ्यों को छुपाने का प्रयास किया है, तो कार्रवाई की जाएगी। जबकि उपशिक्षा अधिकारी पंकज उप्रेती ने कहा कि मामले की दो बार जांच की जा चुकी है। जांच में शिक्षक अनिल कपरुवान के स्कूल की छुट्टी होने के बाद ही कोर्ट में जाने की बात सामने आई है। कहा कि शिकायतकर्ता यदि स्कूल की छुट्टी से पहले कोर्ट पहुंचने का सबूत दें तो कार्रवाई की जाएगी।
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