मासी से रामनगर जा रही जीएमओ की बस बुधवार अल्मोड़ा में सुबहचौरी घट्टी के पास तीव्र मोड़ पर दुर्घटनाग्रस्त होकर तीन सौ मीटर खाई में जा गिरी। हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों सहित नौ की मौत हो गई, जबकि चालक सहित 14 लोग घायल हो गए।
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हादसा इतना भयानक था बस के परखच्चे उड़ गए। देर शाम तक अधिकांश घायलों को एसटीएच हल्द्वानी रेफर कर दिया गया था। हादसे की सूचना पर यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत, विस अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने मृतकों के परिजनों और घायलों को ढांढस बंधाया।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को एक लाख मुआवजा तथा घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की। हादसे का कारण बस का स्टेयरिंग लॉक होना बताया जा रहा है।
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23 लोग थे सवार, सात की मौके पर ही मौत
बस हादसा
- फोटो : अमरउजाला
जीएमओयू की बस (यूके 04 पीए 0192) सुबह मासी से रामनगर जा रही थी। बस में कुल 23 लोग सवार थे। बस जैसे ही मछोड़ चौरी घट्टी पहुंची वहां तीव्र मोड़ तीन सौ मीटर खाई में जा गिरी। हादसे में सात यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल ने भतरौंजखान अस्पताल में दम तोड़ा, जबकि दूसरे घायल की अस्पताल ले जाते खैरना के पास रास्ते में मौत हो गई।
स्थानीय लोगों, पुलिस, एसएसबी, एसडीआरएफ और आईटीबीपी के जवानों की मदद से बमुश्किल घायलों तथा मृतकों को खाई से निकालकर सड़क तक पहुंचाया गया। नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस और स्ट्रेचर उपलब्ध न होने से घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया।
बाद में गंभीर घायलों को रानीखेत और रामनगर रेफर किया गया। देर शाम तक अधिकांश घायलों को एसटीएच हल्द्वानी रेफर कर दिया गया था। हादसे की सूचना मिलने के बाद दोपहर 1:45 बजे मुख्यमंत्री हरीश रावत भी भतरौंजखान के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने घायलों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।
रस्सियों के सहारे खाई से निकाले गए घायल
हादसे के बाद रेस्क्यू करते लोग
- फोटो : अमरउजाला
सीएम ने अधिकारियों को घायलों के इलाज को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने हल्द्वानी के अधिकारियों से भी फोन पर बातचीच में गंभीर रोगियों को देहरादून के जौलीग्रांट अस्पताल भेजने को कहा।
चौरा घट्टी के पास जिस जगह पर जीएमओ की बस दुर्घटनाग्रस्त हुई, वहां दुरूह पहाड़ी होने से राहत और बचाव कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस बल ने रस्सियों को पेड़ों के सहारे बांधकर खाई में उतरकर बचाव कार्य किया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की लचर सेवाओं को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश देखा गया। केंद्र पर न को 108 एंबुलेंस की की व्यवस्था न ही स्ट्रेचर की। इससे घायलों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
बस हादसे के मृतकों की सूची
1- भैरव दत्त जोशी पुत्र हरिदत्त (36) निवासी नया गांव चिल्किया रामनगर
2- कांति देवी (70) पत्नी हरीदत्त निवासी नया गांव चिल्किया, रामनगर
3- गोविंदी पांडे, पत्नी शंकर दत्त निवासी नया गांव चिल्किया रामनगर
4- प्रदीप थपलियाल (29) पुत्र चंडी प्रसाद थपलियाल निवासी विद्युत निगम भिकियासैंण
5- आशा बृजवासी (53) पत्नी तारादत्त बृजवासी निवासी मल्ली बमौरी हल्द्वानी
6- साबिर अहमद (32) पुत्र असलम बख्श निवासी भतरौंजखान
7- गीता पांडे (45) पत्नी शंकर दत्त चिल्किया रामनगर
8- मोहन चंद्र पांडे (61) पुत्र खिम देव निवासी बिनौली
बस हादसे के घायल
1- सुंदर सिंह (45) पुत्र चंदन सिंह निवासी रापड़ भिकियासैंण
2- हंसी देवी (52) पत्नी मोहन सिंह निवासी नवाड़, भिकियासैंण
3- पूर्णिमा जोशी (17) पुत्री आनंद जोशी निवासी स्यालढुंगा भतरौंजखान
4- चालक दलीप सिंह(35)पुत्र मेहरबान सिंह निवासी बछुवाबाण चमोली
5- परिचालक अवतार सिंह (29) पुत्र प्रताप सिंह निवासी बछुवाबाण
6- हरी दत्त भगत (75) पुत्र बची राम निवासी अमोली, जमोली रानीखेत
7- मो. मुश्ताक (60) पुत्र मो. यासीन निवासी बिहार
8- नवीन तिवारी (46) पुत्र गुसाई दत्त निवास बड़ियाली भिकियासैंण
9- आशा (26) पुत्री बालादत्त निवासी नौगांव भिकियासैंण
10- विकास पांडे (23) पुत्र खीमानंद निवासी बम्योली घट्टी
11- मेहंदी हसन (55) पुत्र लियाकत निवासी शेरगढ़ जिला बरेली
12- शिव राम (50) पुत्र देवी राम
13- गोविंद पांडे (52) पुत्र बालादत्त पांडे, मासी, अल्मोड़ा
14- तारादत्त बृजवासी (63)पुत्र बालकृष्ण निवासी मल्ली बमौरी हल्द्वानी
15- कुबेर सिंह (50)पुत्र स्व. किशन सिंह निवासी रापड़, भिकियासैंण