ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
परिवहन निगम ने विभाग के अक्षम कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति देने की तैयारी शुरू कर दी है। इनमें वे कर्मचारी शामिल हैं, जिन्होंने अक्षम होने का हलफनामा देकर कार्यालय में कार्य कर रहे हैं, जबकि उन्हें बसों में सेवा देनी थी। इसके तहत 21 चालकों, परिचालकों और अन्य कर्मचारियों की नौकरी पर संकट आ गया है।
महाप्रबंधक प्रशासन निधि यादव ने तीनों मंडलीय प्रबंधकों को पत्र भेजकर 50 साल से अधिक आयु के अप्राविधिक कर्मचारियों का ब्योरा तलब किया है। इसके तहत अक्षम व दागी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कई कर्मचारी बसों के बजाय कार्यालयों पर जमे हुए हैं। ऐसे में परिवहन निगम को मजबूरी में संविदा तथा आउट सोर्स के जरिये चालक-परिचालकों की कमी को दूर करना पड़ रहा है। ऐसे कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति देकर नए नियमित चालक-परिचालकों को रखा जाएगा।
कोटद्वार डिपो के सबसे ज्यादा कर्मी दागी
महाप्रबंधक प्रशासन निधि यादव ने बताया कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति के दायरे में सर्वाधिक सात कर्मचारी कोटद्वार डिपो के हैं। इसके अलावा टनकपुर के पांच, लोहाघाट डिपो के दो कर्मचारी हैं, जिनका ब्योरा तलब किया गया है। इसके अलावा काठगोदाम, हल्द्वानी, रुद्रपुर, ऋषिकेश, ग्रामीण व मंडलीय प्रबंधक कार्यालय देहरादून के एक-एक कर्मचारियों का ब्योरा मांगा गया है।