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दो लाख लोगों के सामने पेयजल संकट

Tue, 18 Jun 2013 05:29 PM IST
श्रीनगर,पौड़ी/ब्यूरो
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बारिश बंद होने से अब लोगों ने राहत की सांस तो ली, लेकिन बारिश के चलते पेयजल व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। श्रीनगर और पौड़ी में पेयजल आपूर्ति ठप है, जिससे दो लाख की आबादी को पानी नहीं मिलेगा। लोग पानी के लिए हैंडपंप और प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर हैं।
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सारे पंप हाउस नदी में समा गए
पेयजल व्यवस्था कब तक सामान्य हो पाएगी यह जल संस्थान बताने की स्थिति में नहीं है। तीन दिन तक हुई लगातार बारिश से अलकनंदा नदी का जलस्तर उफान पर है। नदी किनारे बने सारे पंप हाउस नदी में समा गए हैं। पंप हाउसों के बंद हो जाने से श्रीनगर और पौड़ी की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।

तीन ट्यूबवेल ध्वस्त
जल संस्थान के 10 पंप हाउस जिनसे पौड़ी, श्रीनगर और श्रीनगर के ग्रामीण क्षेत्रों को पेयजल आपूर्ति होती थी उनमें मलबा भरने से वह पूर्ण रूप से ध्वस्त हो गए हैं। साथ ही शक्ति विहार के चार ट्यूबवेल और श्रीयंत्र टापू पार्क में निर्माणाधीन तीन ट्यूबवेल ध्वस्त हो गए हैं। इससे पौड़ी की 50 हजार और श्रीनगर की डेढ़ लाख जनसंख्या को पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाएगी।
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अभी से चिंता सताने लगी
हालात कब सामान्य होंगे यह भी पता नहीं। ऐसे में लोगों को पानी की अभी से चिंता सताने लगी है। पानी न आने से लोग पेयजल के लिए हैंडपंपों और प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर हैं। वहां भी भारी भीड़ जुटी हुई है। वहीं पौड़ी शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए श्रीनगर नगर स्थित अलकनंदा नदी के तट से खींची गई दोनों पंपिंग योजना के पंप नदी में डूब गए हैं। नानघाट योजना की पाइप लाइन भी चौबट्टाखाल के समीप बारिश से टूटी हुई है।

मंडल की 420 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त
बरसात के कारण मंडल के पांच पर्वतीय जिलों में 420 पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसमें पौड़ी, श्रीनगर की पंपिंग योजनाओं समेत 22 नगरीय पेयजल योजनाएं और 398 ग्रामीण योजनाएं शामिल हैं। इनमें कई योजनाओं में पानी की आपूर्ति भी ठप है। नगरीय पेयजल योजनाओं में पौड़ी जिले की चार, टिहरी की पांच, चमोली की नौ, रुद्रप्रयाग की 2 और उत्तरकाशी की दो योजनाएं शामिल हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल योजनाओं में टिहरी के 147, उत्तरकाशी की 64, पौड़ी की 74, चमोली की 62, रुद्रप्रयाग की 51 पेयजल योजनाएं शामिल हैं। जल संस्थान पौड़ी के महाप्रबंधक पीसी किमोठी ने बताया कि बरसात से पेयजल योजनाओं को भी काफी नुकसान हुआ है। कई जगहों से ग्रामीण क्षेत्रों की पूरी सूचनाएं नहीं आ पा रही हैं। क्षतिग्रस्त योजनाओं की संख्या बढ़ सकती है।

स्थिति सामान्य करने में जुटे
जल संस्थान के 10 पंप हाउस जो श्रीनगर और पौड़ी क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति करते थे वह मलबे से अटे हैं। ट्यूबवेल भी ध्वस्त हो गए हैं। हम स्थिति सामान्य बनाने में जुटे हैं, लेकिन कब तक यह सामान्य हो पाएगी कुछ नहीं कहा जा सकता।
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- प्रवीण सैनी, एसडीओ, जल संस्थान
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