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डर्टी मास्टरः आखिर क्यूं बन रहे हैं मास्टर हैवान

Sun, 07 Jul 2013 07:52 PM IST
लैंसडौन/कोटद्वार/ब्यूरो
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एक शिक्षक की कारगुजारी से फिर गुरु-शिष्य का पवित्र रिश्ता तार-तार हो गया। रिखणीखाल प्रखंड क्षेत्र के एक प्राइमरी स्कूल के एक शिक्षक पर कक्षा चार की छात्रा को कमरे में बंद कर उसके साथ ‘अभद्रता’ करने का आरोप लगा है।
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दो दिन पहले की इस घटना में बच्ची की मां की शिकायत पर छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कर आरोपी शिक्षक को राजस्व पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य पर भी आरोपी सहायक अध्यापक के साथ मिलकर स्कूल परिसर में शराब पीने का आरोप है।

एसडीएम ने प्रधानाचार्य के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है। एक ही गांव का निवासी होने के कारण आरोपी शिक्षक पीड़ित बच्ची का रिश्ते में दादा भी बताया गया है।
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स्कूल में सजती है महफिल
राजस्व पुलिस के अनुसार विकास खंड के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक दिलबर सिंह और सहायक अध्यापक जोगेश्वर प्रसाद अध्यापनरत हैं। आरोप है कि दोनों ने शुक्रवार को स्कूल में शराब पी। उस समय स्कूल चल रहा था और बच्चे अपने कमरों में बैठे हुए थे।

उसके बाद प्रधानाध्यापक वहां से चला गया। छुट्टी होने से कुछ देर पहले सहायक अध्यापक जोगेश्वर प्रसाद (57 वर्ष) ने कक्षा चार की एक नौ वर्षीय छात्रा को चाय बनाने के बहाने कमरे में बुलाया। छात्रा के अंदर आते ही कमरा अंदर से बंद कर लिया। आरोप है कि इस दौरान शिक्षक ने छात्रा के साथ ‘अभद्रता’ की।

बच्चे भांप गए थे शिक्षक की नियत
अन्य बच्चों ने शिक्षक की बदनीयत को भांप लिया और शोर मचाने लगे। जिस पर ग्रामीण और बच्ची के परिजन वहां पहुंचे और बच्ची को शिक्षक के चंगुल से छुड़ाया।

रविवार को एसडीएम पीएल शाह ने गांव में पहुंचकर घटना के संबंध में जानकारी ली। पीड़ित बच्ची की मां की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर आरोपी शिक्षक जोगेश्वर प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया।

इस घटना को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। एसडीएम ने बताया कि बच्ची का मेडिकल परीक्षण भी कराया लेकिन उसमें दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है।

तीन दिन पहले भी की थी छेड़छाड़
शिक्षक पर पीड़ित बच्ची ने घटना से तीन दिन पहले भी छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। मगर उस समय परिजनों ने इस बात को नजर अंदाज कर दिया था।

पूछताछ के दौरान परिजनों ने राजस्व पुलिस को बताया कि गांव का ही निवासी होने के कारण शिक्षक बच्ची का रिश्ते मेंदादा लगता है जिससे उन्होंने उसकी शिकायत को महज एक दुलार समझा था।

विद्या का मंदिर बना दिया ‘अय्याशी’ की पाठशाला
जिस विद्यालय में शिक्षक ने शर्मनाक घटना को अंजाम दिया, उसके परिसर में होने वाली कारगुजारियां अब खुलने लगी हैं। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से शिक्षकों ने इस स्कूल को अय्याशी की पाठशाला बनाकर रख दिया था।

यहां अक्सर मांस और मदिरा की दावतें उड़ाई जा रही थी। यहां सजने वाली महफिलों का हिस्सा केवल शिक्षक ही नहीं बल्कि उनके परिचित कुछ नेपाली और वाहन चालक भी बनते रहे हैं। बात खुली तो लोग भड़क उठे।

शिक्षकों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
क्षेत्रीय जन प्रतिनिधियों ने स्कूल को कलंकित करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। शुक्रवार को बच्ची के साथ अभद्रता करने के मामले की जांच करने पहुंची राजस्व पुलिस ने जब मासूम बच्चों से पूछताछ की तो डरे सहमे बच्चों ने सारे राज फाश कर दिए।

पटवारी अनिल कुकरेती के अनुसार शुक्रवार को हुई घटना से पहले तो उससे पहले स्कूल में दोनों शिक्षकों और उनके परिचित वाहन चालक तथा कुछ नेपाली युवकों ने मिलकर मांस बनाया था। बाद में कमरे में बैठकर शराब के साथ दावत उड़ाई गई। ऐसी महफिल अक्सर सजती थी। शराब उक्त वाहन चालक कोटद्वार से ले जाता था। स्कूल के अंदर का सच बाहर आया तो हर कोई भौचक्का रह गया।

ज्येष्ठ प्रमुख नागेंद्र सिंह नेगी, तिमलसैंण की प्रधान आशा देवी, जुकणिया के प्रधान मंगल सिंह और बयूसेरा की प्रधान शोभा देवी ने इस बारे में एसडीएम को ज्ञापन देकर सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। एसडीएम पीएल शाह ने कहा कि मामला गंभीर है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जा रही है।

हर बार बच जाते हैं दागी ‘गुरुजी’
कोटद्वार क्षेत्र में कई ऐसे मामले हुए जब शिक्षकों ने छात्राओं के साथ अभद्रता की लेकिन ऐसे किसी भी मामले में कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। करीब छह महीने पहले कोटद्वार में भी ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया था।

एक शिक्षक पर विद्यालय की छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप था। काफी हंगामा हुआ लेकिन न तो आरोपी सस्पेंड हुआ और न ही कोई विभागीय कार्रवाई हुई। उसका महज तबादला कर दिया गया। दुगड्डा के पास एक विद्यालय में भी कुछ समय पहले ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया।

शिक्षक का तबादला कर हुई इतिश्री
जिसमें कक्षा आठ की छात्रा के साथ छेड़छाड़ की गई थी। इसमें भी शिक्षक का मात्र तबादला कर दिया गया। जिस विद्यालय में यह घटना हुई है इसी विद्यालय में वर्ष 2008 में एक प्रशिक्षु अध्यापिका के साथ शिक्षक ने विद्यालय में ही शराब पीते हुए छेड़खानी कर दी थी।

जिसको लेकर पूरे विकास खंड में खूब हंगामा हुआ था। वहां पर भी मात्र तबादला करके सब कुछ रफा-दफा कर दिया गया। मगर कार्रवाई किसी में नहीं हो पाई।

पोक्सो के तहत हो कार्रवाई
वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सजवाण का कहना है कि आईपीसी की सामान्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज होने के कारण आरोपियों को कड़ी सजा नहीं मिल पाती है। प्रशासन को ऐसे मामलों में ‘पोक्सो’ प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड अगेंस्ट सेक्सुअल आफेंस के तहत रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए। इसके तहत कड़ी कार्रवाई के प्रावधान हैं।

क्या कहतें हैं अधिकारी
'आरोपी शिक्षक को तहरीर के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। बच्ची का मेडिकल भी हो चुका है जिसमें दुराचार की पुष्टि नहीं हुई है। विद्यालय में शराब पीने वाले प्रधानाध्यापक के खिलाफ जिलाधिकारी और शिक्षा विभाग को आख्या भेज दी गई है।'
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पीएल शाह, एसडीएम, लैंसडौन
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