राजाजी राष्ट्रीय पार्क से गुजरने वाला रेलवे ट्रैक हाथियों के लिये मौत का कुआं बन गया है। पिछले 26 साल में 25 हाथियों की मौत ट्रेन दुर्घटना में हो चुकी है। सबसे पहले 1987 में एक हाथी की ट्रेन से कट कर मौत हुई थी। डब्ल्यूटीआई ने इस पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है।
देहरादून से हरिद्वार के बीच लगभग 20 किलोमीटर का रेलवे ट्रैक राजाजी पार्क से गुजरता है। यह इलाका वन्यजीवों के मूवमेंट के कारण बेहद संवेदनशील है। मोतीचूर, कांसरो और रायवाला क्षेत्र सदियों से हाथियों का वास स्थल है। रेलवे और सड़क मार्ग बनने के बाद से हाथियों पर खतरा मंडरा रहा है।
डब्ल्यूटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 26 साल में 25 हाथियों की मौत हो चुकी है। 1998, 1999, 2000, 2001 और 2002 के बीच में सबसे अधिक हादसे हुए। 2002 से 2012 के बीच में एक भी घटना नहीं हुई थी। इससे थोड़ी राहत थी, लेकिन रविवार को हादसे में तीन हाथियों की मौत के बाद वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं।