जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के निर्देश पर देश के सभी तीर्थों पर किसी एक दिन एक साथ सामूहिक प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाएगा। उस दिन एक साथ श्रद्धांजलि अर्पित कर मृतकों के मोक्ष की कामना की जाएगी।
स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती किसी एक स्थान पर भाग लेकर उस विशाल अनुष्ठान का नेतृत्व करेंगे।
अर्पित किए श्रद्धासुमन
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने सोमवार को कनखल स्थित अपने मठ में मृतकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने बताया कि शीघ्र देश में एक साथ सामूहिक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। जब यह सुनिश्चित हो जाएगा कि केदारनाथ और अन्य आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में सभी शवों का अंतिम संस्कार हो गया है, तब एक दिन श्रद्धांजलि समारोह तीर्थों पर आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री को भेजा गया प्रस्ताव
स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने सरकार से आग्रह किया कि शवों का अंतिम संस्कार वैदिक रीति के अनुसार किया जाए। इस संबंध में भारत साधु समाज के नेतृत्व में पारित प्रस्ताव फिर मुख्यमंत्री को भेजा गया। स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती से सोमवार को धर्माचार्य हरिनारायणानंद के नेतृत्व में श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, तूफान गिरि, हरिदत्त गिरि, ऋषिश्वरानंद आदि संतों ने भेंट की।
धर्माचार्यों ने मांग की है कि केदारनाथ के रावल भीमशंकर लिंगम को पदमुक्त किया जाए और पूजा-अर्चना का अधिकार शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती को सौंपा जाए।