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पीड़ितों के सामान को डकार रहे हैं ये लोग...

Sat, 29 Jun 2013 08:37 AM IST
अंकित चौधरी
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सहस्रधारा हेलीपैड (देहरादून) पर शुक्रवार को कई दृश्य ऐसे देखने को मिले जिनसे यह समझा जा सकता है कि राहत एवं बचाव कार्य में सब कुछ सही नहीं चल रहा है।
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जिन्हें जरूरत नहीं है, उन्हें राहत दी जा रही है जबकि जो पीड़ित हैं उन तक राहत सामग्री नहीं पहुंच रही है। कुछ लोग पीड़ितों की राहत सामग्री को डकार रहे हैं तो बांटने के अभाव में हेलीपैड पर ही ब्रेड और बंद सड़ रहे हैं।

क्रू स्टाफ की पीड़ितों की तरह आवभगत...
शाम करीब चार बजे सहस्रधारा हेलीपैड पर मातली से एक हेलीकॉप्टर आया। पंखे बंद होते ही उसमें से चमकदार कपड़े पहने चार लोग उतरे। एक महिला, एक युवक, एक बच्चा और एक अन्य व्यक्ति। इनके चेहरे और कपड़े की चमक बता रही थी कि यह आपदा पीड़ित नहीं हैं।
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पीड़ित समझकर मीडिया वालों ने इनका हाल जानने की कोशिश की तो पुलिस ने बताया कि ये क्रू (चॉपर कंपनी) स्टाफ से हैं। लेकिन पुलिसकर्मी इन्हें हेलीपैड पर आपदा पीड़ितों के बैठने के लिए बनाए गए कक्ष में ले गए।

वहां सबसे पहले एक चिकित्सक ने इनके स्वास्थ्य की जांच की उसके बाद पुलिसकर्मियों ने उनके पास पीड़ितों के लिए रखे फ्रूट जूस, बिसलरी वाटर, खाने के लिए चिप्स और बिस्कुट जमा कर दिए।

पूछताछ में यह भी पता चला कि सभी आईटीबीपी के एक अधिकारी के परिवार से हैं। पहाड़ में ऊपर से हिमाचल जाने के लिए चॉपर से आए हैं।

मैडम के लिए स्पेशल चाय बनाओ...
सहस्रधारा हेलीपैड परिसर में परिजनों की खोज में आए प्रभावितों और अन्य लोगों के लिए पुलिस और कांग्रेस का कैंप लगा है। यहां पर भोजन के साथ ही चाय और स्नैक्स की व्यवस्था है। शुक्रवार दोपहर बाद यहां कांग्रेस नेता शिल्पी अरोड़ा चाय पीने आईं।

उस समय एक बड़े भगोने में बनी चाय लोगों को दी जा रही थी। मैडम के पहुंचते ही कुछ कार्यकर्ता खड़े हुए और बोले कि मैडम के लिए स्पेशल चाय बनाओ...। लोगों ने सुना तो स्पेशल चाय पीने वाली मैडम की तरफ गौर से देखने लगे।

दीवान जी को फ्रूटी पिलाओ...
हेलीपैड परिसर के एक कमरे में पीड़ितों की मदद के लिए आई फ्रूटी, नमकीन, चिप्स और अन्य सामान रखा है। शुक्रवार शाम यहां कुछ महिला और पुरुष पुलिसकर्मी फ्रूटी का आनंद ले रहे थे।

इसी समय बाहर से एक पुलिसकर्मी पहुंचा तो पहले से ही फ्रूटी का आनंद ले रहे एक पुलिस वाले ने कहा कि दीवान जी को फ्रूटी पिलाओ...। एक महिला पुलिसकर्मी ने जवाब दिया कि फ्रूटी खत्म हो गई है। इस पर फ्रूटी पी रहे दूसरे दीवान जी बोल पड़े कि जो अलग से रखी है उसमें से निकालकर दे दो।

महिला पुलिसकर्मी उठी और एक पैक में से फ्रूटी निकालकर दे दी...।

खुद दोगे या जबरन सामान उतारूं...
सहस्रधारा हेलीपैड पर मौजूद एक सामाजिक संस्था के कार्यकर्ता ने बताया कि बृहस्पतिवार को संस्था की खाने के सामान से भरी गाड़ी आपदा प्रभावित थत्यूड़ स्थित पुरोड़ी गांव से गुजर रही थी। यह गांव बादल फटने से तबाह हो गया है।

गाड़ी गांव से कुछ ही दूर गई थी कि पुरोड़ी के ग्रामीण दराती लेकर गाड़ी के पास पहुंच गए। उन्होंने गुस्से में कहा कि क्या बाहर से आए लोग ही भूखे हैं? हमारा भी तो सब कुछ बह गया है। खाने का सामान खुद दोगे कि हम जबरन उतार लें। इसके बाद सारा सामान ग्रामीणों को दे दिया गया...।
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सड़ने लगे ब्रेड और बंद...
सहस्रधारा हेलीपैड पर जमा किए गए ब्रेड और बंद से बदबू आने लगी है। लेकिन किसी ने इनके उपयोग पर ध्यान नहीं दिया। यह खाना समय पर आपदा पीड़ितों को मिलता तो उनकी भूख शांत होती...।
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