विकासनगर। भारत निर्माण स्वयं सेवकों के प्रशिक्षण के नाम पर लाखों के फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
केंद्र सरकार के ग्राम्य विकास मंत्रालय द्वारा केंद्रीय योजनाओं की मानीटरिंग के लिए डोईवाला और सहसपुर विकासखंड के युवाओं को चार दिन का प्रशिक्षण दिया जाना था। उत्तराखंड ग्राम्य विकास विभाग के अधीन प्रसार प्रशिक्षण केंद्र शंकरपुर के माध्यम से हरिद्वार की एक स्वयंसेवी संस्था को प्रशिक्षण का जिम्मा सौंपा गया। संस्थान द्वारा दोनों ब्लाकों में करीब 9800 स्वयं सेवक बनाए गए। जिन्हें एक दिन का ग्राम स्तरीय और तीन दिन का ब्लाक स्तरीय पर प्रशिक्षण दिया जाना था। ग्राम स्तर पर एक स्वयंसेवक पर 550 रुपये खर्च किए जाने थे। मगर, संस्थान ने फर्जी तरीके से केवल कागजों में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिखा इसकी एवज में लाखों रुपये की रकम डकार ली। स्वयं सेवी संस्था को इसके लिए प्रसार प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से एक करोड़ एक लाख रुपये का भुगतान किया गया।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रामशरण नौटियाल, ब्लाक प्रमुख विपिन कुमार, छरबा के प्रधान रुमीराम जसवाल ने कहा कि सहसपुर ब्लाक में करीब 4700 स्वयंसेवकों को संस्था द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण दिलाना दर्शाया गया है। जबकि सूची में अधिकांश नाम फर्जी हैं। प्रसार प्रशिक्षण केंद्र की वरिष्ठ परीक्षक ममता राणा ने कहा कि पूरे प्रकरण की भौतिक जांच शुरू कर दी गई है।