त्यूनी/साहिया/नागथात। क्षेत्र में बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारी बारिश से जनजातीय क्षेत्र में चार मकान ढह गए। पीड़ित परिवारों ने भागकर जान बचाई। लोग गांव में अन्य लोगों के यहां शरण लिए हुए है। प्रभावितों ने तहसील प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
बृहस्पतिवार की रात क्षेत्र में जमकर बारिश हुई। बारिश ने क्षेत्र में जमकर कहर बरपाया। लोगों के खेेत खलिहान और रास्ते तबाह हो गए। पहाड़ी दरकने से ग्राम पंचायत चातरा के मुंडीयार गांव निवासी राजू पुत्र स्व. साधुराम के मकान में मलबा घुस गया। लोग खतरा भांप घर छोड़कर भाग खडे़ हुए। जिससे उनकी जान बच गई।
कालसी तहसील के डाबरा गांव में फकीरा दास पुत्र लीबू दास का मकान भरभराकर ढह गया। उसके परिवार को गोशाला में शरण लेनी पड़ी। भगत सिंह की गोशाला और बारात घर को भी मलबे से भारी नुकसान पहुंचा। झड़वाला के चकखेता खेड़ा में अलसी निवासी महेंद्र सिंह पुत्र चंदर सिंह का आवासीय मकान ढह गया। उनका परिवार सावन की संक्रांति पर्व के चलते अलसी गांव गए थे। जिससे बड़ा हादसा टल गया। चिबऊ निवासी कुंवर सिंह का मकान पजिटिलानी-खमरोली मोटर मार्ग से गिरे मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। एसडीएम मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि संबंधित राजस्व उपनिरीक्षकों को क्षति की रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
अब तक नहीं मिला मुआवजा
विकासनगर। कांग्रेस कि जिला जिला मीडिया प्रभारी इमरान खान ने एसडीएम को ज्ञापन प्रेषित कर आपदा से क्षतिग्रस्त हुए मकानों का मुआवजा दिलाने की मांग की है। कहा कि केदारावाला गांव में बारिश से अब तक 22 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो गए। लेकिन कई दिन बाद अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका है। एसडीएम ने कहा कि तहसीलदार की जांच के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।