देहरादून। आपदा की मार से बेहाल हुए होटल व्यवसाय ने अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश खुद ही शुरू कर दी है। उन्होंने अपने टैरिफ में डिस्काउंट देना शुरू कर दिया है, जो लगभग 10 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक है। राजपुर रोड स्थित बड़े होटलों के बजाय त्यागी रोड स्थित खुद होटल ‘मार्केट’ आपदा से बड़े स्तर पर प्रभावित हुआ है। यहां ग्राहक झांक भी नहीं रहे। फूड बिल तक पर इन्होंने डिस्काउंट का पासा ग्राहकों के सामने फेंका है। यह व्यवसायी सरकार से लग्जरी टैक्स में छूट की भी मांग कर रहे हैं ताकि उनकी मुश्किल कुछ आसान हो।
टैक्सी-टैंपो का कमीशन भी दिक्कत
दिक्कत यह भी खड़ी हो गई है कि पर्यटकों से वीरान दून में टैक्सी, टैंपो वालाें को भी बामुश्किल रोजी मिल रही है। ऐसे में उन्होंने पर्यटक को होटल में लाने केएवज में अपनी कमीशन में भी हल्की बढ़ोत्तरी कर दी है, लिहाजा होटल वालों के सामने और भी दिक्कत पैदा हो गई है।
छूट की पर दें किसे? पर्यटक कहां?
50 प्रतिशत तक की छूट होटल वालों ने कर दी है, लेकिन यह दें किसे? सैलानी तो दून का रुख कर ही नहीं रहे। आपदा गढ़वाल के कुछ ही जिलों में आई है, लेकिन पूरे गढ़वाल के इसकेचपेट में आने की बात प्रचारित होने से दून और मसूरी पर असर पड़ा है।
-एसपी कोचर, होटलियर्स एसोसिएशन
नैनीताल शिफ्ट हुए यहां के पर्यटक
गढ़वाल में आई आपदा की वजह से पर्यटकों ने दून और मसूरी से भी मुंह मोड़ लिया है, जो यहां के व्यवसाइयों को नागवार गुजर रहा है। उनकी मानें तो गढ़वाल के नाम से ही भयभीत सैलानी अब नैनीताल शिफ्ट हो गए हैं। वहां के होटल फुल चल रहे हैं, जबकि यहां वीराना है।