देहरादून। सीबीआई अधिकारी बन ठगी करने पर आधारित फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तर्ज पर एक गिरोह ने राजधानी के दो चिकित्सकों से लाखों रुपये ऐंठ लिए। निजी क्लीनिक चलाने वाले इन दोनों डाक्टरों को गिरोह के सदस्यों ने सीबीआई की जांच और मुकदमे का डर दिखाकर वसूली की। शिकायत पर पुलिस ने जांच की तो पता चला कि दिल्ली से संचालित यह गिरोह पश्चिमी यूपी में भी कई डाक्टरों को इस तरह शिकार बना चुका है। इस गिरोह के टारगेट डाक्टर ही बताए जा रहे हैं। एसएसपी ने मामला साइबर सेल को सौंप दिया गया है।
बसंत विहार निवासी राजधानी के एक प्रतिष्ठित डाक्टर को कुछ दिन पूर्व दिल्ली से एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई का वकील बताया। उसका कहना था कि डाक्टर के विरुद्ध सीबीआई की गुप्त जांच चल रही थी, जिसमें आरोपों की पुष्टि हो गई है। वकील ने डाक्टर को यह कहकर डराया कि अब उन पर सीबीआई कोर्ट में ट्रायल शुरू होगा। वकील ने डाक्टरों को बताया कि कुछ ही देर बाद सीबीआई इंस्पेक्टर कॉल कर उन्हें क्राइम संख्या और वाद के बारे में जानकारी देगा। कुछ देर बाद कथित सीबीआई इंस्पेक्टर का कॉल आया, जिसने मुकदमे की जानकारी दी। यह सुन डाक्टर तनाव में आ गए।
कुछ देर बाद सीबीआई के कथित इंस्पेक्टर ने उन्हें फिर कॉल किया और पूछा कि क्या वह अपने लिए वकील करना चाहते हैं। उसने बताया कि मुकदमा दिल्ली की सीबीआई कोर्ट में चलेगा तो वकील भी दिल्ली का ही रखना पड़ेगा। डाक्टर मान गए। इंस्पेक्टर ने एक वकील का नंबर दिया। डाक्टर ने वकील से संपर्क किया तो उसने कई मदों में लाखों रुपये डाक्टर से एेंठ लिए। बाद में डाक्टर ने दिल्ली सीबीआई संपर्क किया तो पता चला कि उनके खिलाफ कोई जांच नहीं चल रही थी, न ही मुकदमा चलने वाला है। इसके बाद डाक्टर ने दून में अन्य चिकित्सकों से जानकारी ली तो पता चला कि डालनवाला मेें भी एक प्रतिष्ठित चिकित्सक को इसी तरह ठगा गया है।
दोनों डाक्टर एसएसपी केवल खुराना से मिले और ठगी की जानकारी दी। एसएसपी केवल खुराना ने पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच कर रही है। जिन नंबरों से कॉल आई है उनका पता लगाया जा रहा है। दोनों डाक्टरों से बातचीत में कई प्वाइंट्स सामने आए हैं, जिन पर तफ्तीश की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि मामला साइबर सेल को सौंपा गया है। अब तक की जांच में पता चला है कि इस तरह की ठगी पश्चिमी यूपी में भी कई डाक्टरों से की गई है।
ठगी से पहले पूरा होमवर्क
देहरादून। जांच में मालूम हुआ कि ठग किसी को भी शिकार बनाने से पहले पूरा होमवर्क कर रहे हैं। जिस डाक्टर को ठगना है, उसके बारे मेें गहन पड़ताल की जा रही है। किसी तरह की गड़बड़ी निकलने पर उसके बारे में ठग पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। इसके बाद इसी गड़बड़ी को आधार बनाकर सीबीआई जांच और मुकदमे का डर दिखाया जाता है।