फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिर इन्हें कौन रोकेगा?

Mon, 08 Jul 2013 10:30 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
पहाड़ पर आई जलप्रलय के बाद सरकार ने यह फैसला तो कर लिया कि नदियों के किनारे डूब क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन लगता है कि जब तक सरकार का यह फैसला अमल में आएगा तब तक राजधानी में नदियों के किनारे बहुत से निर्माण हो चुके होंगे।
विज्ञापन


पढ़े, उत्तराखंड की खबरों की विशेष कवरेज

सरकार के फैसले के बाद भी शहर में कई जगहों पर नदियों के किनारे धड़ल्ले से निर्माण किया जा रहा है, जिसे कोई रोकने टोकने वाला कोई नहीं है।

पहाड़ की प्रलय से नहीं सीखा सबक
मसूरी डायवर्जन के पास स्थित नाले के बीचो-बीच निर्माण कार्य चल रहा है। लगता है इसे बनवाने वाले ने पहाड़ों पर आई जलप्रलय से कोई नसीहत नहीं ली है। यह निर्माण तो बानगी भर है। इस तरह के निर्माण कार्य कई स्थानों पर नदियों के किनारे हो रहे हैं। नदियों के डूब क्षेत्र में लोग आवासीय भवनों तक निर्माण कर रहे हैं।

यही नहीं, पहले से ही नदियों के किनारे और उनके बीच तक में बस्तियां बसा दी गई हैं। बारिश में ऐसे निर्माण शासन-प्रशासन के लिए मुसीबत तो बनते ही हैं बड़ी त्रासदी की भी वजह बन जाते हैं।
विज्ञापन


कैबिनेट के फैसले से संबंधित शासनादेश अभी तक नहीं मिला है, लेकिन नदियों के किनारे हो रहे निर्माण कार्यों को चेक कराएंगे। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
- बीवीआरसी पुरुषोत्तम, जिलाधिकारी

नदियों के किनारे निर्माण पर रोक संबंधी कोई लिखित आदेश अभी तक शासन की तरफ से नहीं मिला है। फिर भी यदि नदियों के किनारे निर्माण किया जा रहा है कि तो इसका पता लगवाएंगे।
विज्ञापन

- आर मीनाक्षी सुंदरम, उपाध्यक्ष, एमडीडीए
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें