देहरादून। श्री केदारनाथ मंदिर में शुद्धिकरण के बाद में पूजा उसी स्थान पर होगी जहां अभी तक होती आई है। श्री बदरी-केदार मंदिर समिति ने इस संबंध में हो रही बयानबाजी को खारिज कर दिया है। साथ ही पूजा शीघ्र शुरू करने के लिए दस सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
मां चंद्रबदनी स्थित कार्यालय में हुई बैठक में पदाधिकारियों ने बताया कि मंदिर समिति ने राहत कोष का गठन किया है, जिसमें समिति दो करोड़ रुपये देगी। बैठक में समिति के कार्याधिकारी अनिल शर्मा से श्री केदारनाथ में 16 व 17 जून को आई प्राकृतिक आपदा का ब्यौरा मांगा गया। पदाधिकारियों ने कहा कि श्री केदारनाथ में पूजा अर्चना के स्थान को लेकर मीडिया में आए बयानों से समिति का कोई संबंध नहीं है। समिति आपदा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए श्री केदारनाथ धाम में शांति पाठ का आयोजन करेगी। समिति अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अगली बैठक होने तक उपाध्यक्ष और चार सदस्य मिलकर जरूरी मामलों में तात्कालिक निर्णय ले सकते हैं।
मंदिर समिति के 14 लापता कर्मचारियों के एक परिजन को श्री केदारनाथ धाम जाने के लिए सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही शासन से श्री बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के क्षतिग्रस्त मार्गों को शीघ्र ठीक करने की मांग की जाएगी। बैठक से पूर्व आपदा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। बैठक में उपाध्यक्ष मधु भट्ट, हरीश डिमरी, गुलाब सिंह नेगी, चंद्र किशोर मैठाणी, राकेश ध्यानी, राजेंद्र प्रसाद डबराल, दयाराम पुरोहित आदि मौजूद थे।