देहरादून। राजाजी नेशनल पार्क उत्तराखंड का दूसरा नेशनल टाइगर रिजर्व होगा। प्रदेश सरकार के प्रस्ताव को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने मंजूरी दे दी। इस आशय का पत्र शुक्रवार 28 जून को प्रदेश शासन को प्राप्त हुआ। टाइगर रिजर्व बनाने के लिए अगले डेढ़ माह के भीतर नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। इसके बाद ही कानूनी तौर पर राजाजी राष्ट्रीय पार्क को टाइगर रिजर्व कहा जा सकता है। राजाजी में 12 से 16 टाइगर होने का अनुमान है। इसको देखते हुए ही इसे टाइगर रिजर्व बनाने का प्रस्ताव भेजा किया गया था। इससे पहले राज्य में तीन साल पहले कार्बेट को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था।
टाइगर रिजर्व का स्वरूप
>> राजाजी टाइगर रिजर्व के 820 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल को कोर एरिया बनाया जाएगा
>> लालढांग, कोटद्वार, श्यामपुर रेंज को भी राजाजी टाइगर रिजर्व में शामिल किया जाएगा
>> लालढांग, कोटद्वार, श्यामपुर और विजनी का 320 वर्ग किलोमीटर बफर एरिया बनेगा
>> नोटिफिकेशन के बाद कार्बेट से लेकर राजाजी पार्क तक पूरा एरिया प्रोटेक्टेड हो जाएगा
टाइगर रिजर्व बनने से क्या होगा लाभ
>> बाघों की सुरक्षा बढ़ जाएगी, केंद्र से मिलेगा वित्तीय मदद
>> अधिकारियों और कर्मचारियों को अब रहना पड़ेगा चौकस
>> प्रशासन की ओर से बाघों पर रखी जाएगी विशेष नजर
>> शिकारियों पर अंकुश लगाने के लिए तंत्र होगा सक्रिय
क्या होगा नुकसान
>> विकास कार्य कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट से लेनी होगी अनुमति
>> कई क्षेत्र के ग्रामीणों को विस्थापन के लिए रहना होगा तैयार
केंद्र की ओर से राजाजी को टाइगर रिजर्व बनाने के लिए पत्र आ चुका है। इसको लेकर अब नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसमें अभी लगभग डेढ़ माह का समय लग सकता है। वैसे अब विधिक तौर पर कोई अड़चन नहीं है। - मनोज चंद्रन, अपर सचिव वन एवं पर्यावरण
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जिस प्रस्ताव को तैयार करके भेजा गया था। उसी प्रस्ताव को केंद्र ने हूबहू स्वीकृत कर दिया है। तीन दिन पहले ही इसकी सूचना मुझे मिली है। अब प्रदेश सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी करना शेष है। -- एसएस शर्मा, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव