मसूरी। कार्लीगाड-सिरोना मोटर मार्ग निर्माण के लिए केंद्र के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से स्वीकृति मिल गई है। इससे ग्रामीणों में राहत की आस जगी है। मार्ग के निर्माण के बाद दून की उत्तरकाशी से दूरी 10 किलोमीटर कम हो जाएगी। लंबे समय से ग्रामीण एनओसी के लिए भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर टकटकी लगाए हुए थे।
सिला-सरोना न्याय पंचायत के लोगों को देहरादून जाने के लिए पहले सुआखोली और उसके बाद मसूरी आना पड़ता है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वर्ष 2009 में प्रदेश सरकार ने कार्लीगाड-सिरोना मोटर मार्ग के लिए एक करोड़ 75 लाख रुपये स्वीकृत किए थे। लेकिन केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से स्वीकृति न मिलने के चलते काम नहीं हो पा रहा था। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मोहन सिंह नेगी, राम सिंह, सुंदर सिंह पयाल, गोबर सिंह ने बताया कि अब स्वीकृति मिल जाने के बाद लगभग 10 ग्राम सभाओं को इसका सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। क्षेत्र की नकदी फसलों के मार्फत लोगों को स्वरोजगार मिलेगा। यह मार्ग उत्तरकाशी के लिए भी वैकल्पिक मार्ग के तौर पर काम करेगा।