देहरादून। आपदा पीड़ित रोगी भगत सिंह के तीमारदार केसर सिंह ने आरोप लगाया कि मैक्स अस्पताल जाने पर उससे फीस मांगी गई। रोगी की स्पाइनल कॉर्ड में चोट लगी है। उसकी सर्जरी की फीस तीन लाख रुपए बताई गई। रोगी को दून अस्पताल से मैक्स भेजा गया था। घटना की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी रोगी से मिलने पहुंचे।
चमोली जिले के झिंझोनी के रहना वाला भगत सिंह नेगी 16 जून को बाजार जा रहा था। इसी बीच बाढ़ आ गई। वह मलबे में दब गया। बाद में उसे निकाला गया तो कमर के नीचे शरीर का हिस्सा बेकार हो गया था। उसे दून अस्पताल में भरती किया गया। रोगी की तीमारदारी कर रहे चचेरे भाई मेहरबान सिंह ने बताया कि डाक्टरों ने रोगी को मैक्स ले जाने के लिए कहा था।
मेहरबान सिंह ने बताया कि मैक्स में सर्जरी की तीन लाख रुपए फीस मांगी गई जबकि आपदा पीड़ितों का मुफ्त इलाज करने के लिए कहा जा रहा है। इस पर वह मैक्स से रोगी को वापस दून ले आया। घटना की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी दून अस्पताल पहुंचे और रोगी का दून में ही इलाज कराने का वादा किया। उन्होंने बताया कि सारे आपदा पीड़ितों का इलाज मुफ्त हो रहा है। बाद में रोगी को वापस मैक्स भेजा गया। इस संबंध में मैक्स अस्पताल के मार्केटिंग हेड विशाल अरोड़ा का कहना है कि रोगी के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री से बात हुई है। रोगी का मुफ्त इलाज किया जा रहा है। किसी भी आपदा पीड़ित से कोई फीस नहीं ली जाएगी।