‘सर मैं केदारनाथ में फंसा हुआ हूं। मेरा नाम हिमांशु है। मैं बिहार का रहने वाला हूं। प्लीज, मेरा फोन रिचार्ज करा दीजिए। मुझे घर बात करनी है।’ कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम फाइनेंस के दफ्तर में जिला आपदा केंद्र में मंगलवार सुबह आए इस फोन ने कर्मचारियों को असमंजस में डाल दिया।
उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज
गढ़वाली लहजे में बात कर रहे इस युवक के खुद को बिहार का निवासी बताने पर लोग मजाक समझे, फिर सोचा कि कोई वाकई में संकट में न फंसा हो, इस पर हिमांशु का फोन नंबर वायरलेस पर फ्लैश कर दिया गया। कुछ देर तक बात करने के बाद युवक का फोन स्विच आफ हो गया।
इसके बाद एक महिला का फोन गुजरात से आया। कंट्रोल रूम के कर्मचारियों से उसने कहा कि पहाड़ों पर आपदा का मुख्य कारण आतंकवादी हैं। आतंकियों ने पहाड़ पर कोई बम फोड़ा है, जिससे बाढ़ आ गई।
सबसे अधिक फोन मुंबई से थे
महिला बार-बार फोन करती रही। कर्मचारियों ने आजिज होकर फोन ब्लाक कर दिया। आपदा केंद्र पर दूसरे प्रांतों से मंगलवार को 16 फोन आए। इनमें सबसे अधिक फोन मुंबई से थे। इसके अलावा लोगों ने क्षेत्रीय समस्याएं बताईं जिनको संबंधित अफसरों को बता दिया गया।