देहरादून। इश्क, शादी, तलाक और फिर खुदकुशी की कोशिश। ये किसी फिल्म की कहानी नहीं बल्कि दो प्रेमियों की वह हकीकत थी जो एसएसपी कार्यालय में बुधवार को नुमायां हुई। चंद दिन पहले निकाह कर एक हुआ प्रेमी जोड़ा परिजनों के रिश्ता तोड़ने के ऐलान के बाद यहां पहुंचा था। दोनों साथ जीने-मरने की कसमें खाते रहे और परिजनों को समझाने की कोशिश भी करते रहे लेकिन बात अचानक ऐसी बिगड़ी कि बीवी ने सरेआम तलाक मांग लिया। तैश में आए शौहर ने भी तीन बार तलाक कहकर रिश्ता तोड़ दिया। इसके बाद बीवी को होश आया तो जान देने पर उतारू हो गई। पुलिसकर्मियों ने उसके पास से कीटनाशक दवा बरामद की। बाद में उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। काफी देर चले इस हंगामे से पुलिस अधिकारी भी परेशान रहे।
डाक पत्थर के जीवनगढ़ निवासी एक युवक और युवती ने कुछ समय पूर्व घरवालों की रजामंदी के बिना निकाह कर लिया। दोनों मंगलवार को एसएसपी केवल खुराना से मिलने पहुंचे और बताया कि परिवार के लोग उन्हें शादी के बाद से प्रताड़ित कर रहे हैं। युवक ने बताया कि परिजनों ने उसे घर से बेदखल कर दिया है। कप्तान के निर्देश पर बुधवार को महिला हेल्पलाइन प्रभारी दीपिका राणा ने दोनों के परिजनों को बातचीत के लिए बुलाया। इस दौरान युवक के परिजनों ने दोनों को अपनाने से इनकार कर दिया। मामला बढ़ा तो दोनों पक्ष बाहर आ गए। इस दौरान युवक की युवती के परिजनों से बहस हो गई। इसे लेकर युवती शौहर से भिड़ गई। नाराज युवती ने तलाक देने को कहा तो ताव में आकर युवक ने भी तलाक-तलाक-तलाक कहकर उससे रिश्ता तोड़ लिया। इसके बाद युवती का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वह खुदकुशी की बात कहने लगी। प्रभारी दीपिका राणा पहुंची और युवती की तलाशी ली तो उसके पास से कीटनाशक बरामद किया गया। बाद में दोनों को एसएसपी के सामने पेश किया गया, लेकिन बात नहीं बनी। आखिर में युवती कोर्ट में केस करने की बात कहते हुए चली गई।
67 दिन में हारा, 665 दिन का प्यार
सब हेड
वक्त के थपेड़ों ने कुछ ही दिन में प्रेमी-प्रेमिका से मियां-बीवी बने दंपति की राह बदली
राकेश शर्मा
देहरादून। वक्त के थपेड़ाें की आंधी ने 67 दिनों में ही उनकी राह को बदल दिया। जबकि 665 दिनों की प्रेम कहानी में नई जिंदगी के सपने संजोने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी थी। सपनों को साकार करने का समय आया तो उन्हें साथ देखने वाले ही अलग हो गए।
जीवनगढ़ के युवक और मच्छी बाजार की युवती की प्रेम कहानी के ऐसे हश्र की शायद ही किसी ने कल्पना की होगी। युवक राजधानी में पीआरडी का जवान था। इसी बीच उनमें दोस्ती हो गई। मोबाइल पर बातचीत का दौर शुरू हुआ तो उन्होंने नई दुनिया का सपना संजो लिया। 665 दिन तक वह सात-जीने मरने का कसमे-वायदे करते रहे। 26 जनवरी को युवक दून से युवती को अपने गांव ले गया, जहां पर दोनों ने निकाह कर लिया। पहले तो युवक के परिजन उनके निकाह को स्वीकार करने को तैयार नहीं थे, लेकिन फिर उन्हें अंगीकार कर लिया गया। कुछ दिन के बाद दोनों की नजर में परिजन कांटे बन गए। तनातनी में युवक ने जहर खा लिया। किस्मत से वह बच गया। लफड़ों से बचने के लिए पिता ने बेटे को संपत्ति से बेदखल कर दिया। इस बीच युवती अपने मायके लौट आई। अब उसका मकसद अपना हक पाना था। इसी फेर में रिश्तों के मायने बदले और एक दूसरे से अलग हो गए।
जहर बीवी ने लिया, पैसे शौहर ने दिए
तलाक के बाद जान देने के लिए आतुर हुई युवती एक दुकान से कीटनाशक दवा लेकर आ गई। दुकानदार कीमत मांगता रह गया। पीछे आए शौहर ने ही उसकी कीमत चुकता की। एसएसपी के सामने ही युवक ने जहरीले पदार्थ की कहानी बयां करने के साथ तलाक दिए जाने की बात स्वीकार की।
वो तो बर्बाद हो गया
युवक का कहना था कि वह तो बर्बाद हो गया। वह तो पहले ही घर से बेघर हो गया है। अब बीवी से भी तलाक हो गया है। वह तो जैसे-तैसे अपनी गुजर-बसर कर लेगा। बीवी ने ही तलाक मांगकर उसे उकसाया था।
युवकी की तबीयत बिगड़ी
एसएसपी के सामने अपनी पीड़ा बताते हुए युवती बुरी तरह बिलख उठी, जिस कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई। बाद में पुलिस सुरक्षा में उसे उपचार दिलाया गया। हालांकि युवती का आरोप था कि आए दिन उसके साथ मारपीट की जाती थी।
जहर लेकर आने की दूसरी घटना
देहरादून। महिला हेल्प लाइन की काउंसिलिंग के दौरान जहर लेकर आने की यह दूसरी घटना है। कुछ दिन पहले बरेली की एक साफ्टवेयर इंजीनियर युवती ने शादी करने से इनकार करने पर जहर का सेवन कर लिया था। पुलिस ने ही दून अस्पताल में उसे उपचार दिलाया था। महिला हेल्प लाइन प्रभारी दीपिका राणा का कहना है कि जागरूकता के चलते ही हिना के पास से पहले ही जहर बरामद कर लिया गया था।