देहरादून। 28 दिन के नवजात शिशु की मौत से डिप्रेशन में आए पिता ने हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। एक साथ हुई बाप-बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। मृतक अपने पीछे बीवी और बेटी को बिलखता छोड़ गया है।
राजधानी के नेहरू कॉलोनी निवासी फरमान ऑटाें चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। फरमान के पहली बेटी हुई थी। 28 दिन पहले बेटे होने का उसका अरमान भी पूरा हो गया था। दूसरे दिन से ठंड ने शिशु को जकड़ लिया था। पिता ने तीमारदारी में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी थी, लेकिन निरंतर उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। काफी प्रयासों के बाद शिशु ने बुधवार शाम को दम तोड़ दिया। शिशु से लिपटकर मां तो काफी देर तक रोती रही, लेकिन फरमान की आंखों में आंसु नहीं आए। फरमान बिना कुछ बताए घर से निकल गया। अजबपुर फाटक के पास आत्महत्या करने के इरादे से हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के आगे कूद गया। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने पर फरमान को पुलिस ने आराघर चौक के पास स्थित सीएमआई हॉस्पीटल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। फरमान की मौत की खबर मिलते ही काफी संख्या में लोग वहां आ गए। बेटे के बाद शौहर की मौत की खबर से बीवी का रोते-रोते बुरा हाल रहा। पुलिस ने फरमान के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ नेहरु कॉलोनी अमरजीत सिंह का कहना है कि बेटे की मौत के बाद फरमान डिप्रेशन में आ गया था।