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‘नो वर्क, नो पे’ बेअसर नहीं झुके, मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी,

Thu, 10 Jan 2013 05:30 AM IST
Dehradun
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देहरादून। हड़ताली मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने सरकार के ‘नो वर्क, नो पे’ के शासनादेश के आगे झुकने से इनकार कर दिया है। बुधवार को कर्मचारियों ने वेतन विसंगति समिति का पुतला फूंका और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात दोहराई। वहीं, राजकीय वाहन चालक महासंघ सहित कई संगठनों का सर्मथन मिलने से कर्मचारियों का हौसला बुलंद है। वाहन चालक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनंत राम शर्मा ने मिनिस्ट्रीयल कर्मियों की सुनवाई न होने पर 17 जनवरी से सरकारी वाहनों के पहिये जाम करने की चेतावनी दी है।
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ग्रेड पे में बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी की हड़ताल 14 दिनों से जारी है। बुधवार को भी कर्मचारियों ने परेड ग्राउंड में प्रदर्शन किया। उन्होंने इसे आरपार की लड़ाई करार देते हुए कहा कि वे नो वर्क नो पे के फरमान से डरने वाले नहीं। कर्मचारी इस शासनादेश की होली जलाएंगे। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष टीएस पुंडीर ने मुख्य सचिव के उस बयान की निंदा की जिसमें नए वेतनमान के लिए सातवें वेतन आयोग के इंतजार की बात कही गई है। प्रदर्शन कर धरना देने वालों में प्रांतीय प्रवक्ता सुभाष देवलियाल, भगवान सिंह रावत, अशोक राज, राम लाल नौटियाल, कमलेश खंडूरी, राजेंद्र सिंह रावत, अरुण कंडवाल, रमेश रमोला, पूर्णानंद नौटियाल, सुनील कुमार, सुनील जोशी आदि शामिल थे।

कई संगठनों ने दिया समर्थन
बुधवार को कई संगठनों ने मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों की मांग का समर्थन किया। इनमें डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष नवीन कांडपाल, राजकीय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश भंडारी, सचिवालय संघ के अध्यक्ष जीएस भाकुनी, महामंत्री वीरेंद्र सिंह कंडारी आदि शामिल थे। पर्यावरणविद् रामबाबू जंगली ने भी कर्मचारियों का समर्थन किया। परेड ग्राउंड धरना स्थल पर आयोजित सभा में उन्होंने कई पशु, पक्षियों की आवाज निकालकर कर्मचारियों का मनोरंजन किया।
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